नयी दिल्ली : ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के तीन साल पूरे होने पर विज्ञान भवन में पीएम नरेंद्र मोदीने लोगों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि 1 लाख गांधी जी आ जाएं, 1 हजार मोदी आ जाएं तो भी स्वच्छता का सपना पूरा नहीं हो सकता लेकिन सवा सौ करोड़ देशवासी आ जाएं तो पूरा हो जाएगा.
पीएम मोदी ने कहा कि स्वच्छता होनी चाहिए, इसमें किसी का मतभेद नहीं है लेकिन कौन करे ? स्वच्छता के लिए एक प्रतियोगी माहौल बना है. समाज के स्वभाव को समझते हुए भी हमें बदलाव लाना है. उन्होंने कहा कि स्वच्छता का एक जिम्मेदारी के रूप में जितना वातावरण बनाया जाएगा उतना लाभ होगा. बच्चे स्वच्छता के सबसे बड़े ऐंबेसडर हैं.
स्वच्छता पर अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि आज जब किसी स्कूल में बच्चे सफाई करते हैं तो यह लीड खबर बनती है. हमें समाज में बदलाव लाने की आवश्यकता है. हम गांधी के बताये रास्ते पर चल रहे हैं.
पीएम मोदी ने कहा कि अगर कोई बाहर से हिंदुस्तान देखेगा तो ताजमहल इतना अच्छा, लेकिन गंदगी देखकर कैसा लगेगा ? मां को पूछिए कि जब बाहर जाने से पहले सारी चीजें ठीक से रख देतें हैं तो कैसा लगता है तो मां जरूर कहेगी कि घर की सफाई में आधा दिन चला जाता था लेकिन अब बहुत जल्दी सारा काम हो जाता है. उन्होंने कहा कि माताएं बहनें अगर सुबह बाहर जाती हैं. अगर दिन हो गया तो उन्हें अंधेरे का इंतजार करना पड़ता है. उनका स्वास्थ्य कैसे ठीक रहेगा.
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पीएम मोदी ने कहा कि स्वच्छता न होने की वजह से हर वर्ष एक परिवार पर 50 हजार रुपये का बोझ पड़ता है.
