एलओसी पर शांत हुईं बंदूकों की आवाजें, राहत शिविरों में शरण लेने वालों की संख्या बढ़ी

जम्मू : जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर यूं तो पिछले 24 घंटे में बंदूकों की आवाजें थम गयी हैं लेकिन सीमा पार से होने वाली गोलीबारी से बचने के लिए राहत शिविरों में आश्रय लेने वालों की संख्या 3,361 तक पहुंच गयी है. जम्‍मू कश्‍मीर : अनंतनाग के अचबल में पुलिस दल पर हमला, […]

जम्मू : जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर यूं तो पिछले 24 घंटे में बंदूकों की आवाजें थम गयी हैं लेकिन सीमा पार से होने वाली गोलीबारी से बचने के लिए राहत शिविरों में आश्रय लेने वालों की संख्या 3,361 तक पहुंच गयी है.

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इस संबंध में सेना के एक वरिष्ठअधिकारी ने कहा, कि पिछले 24 घंटे में पाकिस्तानी सेना की ओर कोई गोलीबारी नहीं की गयी और न ही गोले दागे गये. पुंछ और राजौरी जिलों में गहरा सन्नटा पसरा हुआ है. लेकिन सीमा पार से अचानक गोली बारी शुरू हो जाने की घटनाओं के कारण लोगों के बीच अब भी तनाव बन हुआ है.

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पाकिस्तान ने 16 जून की रात संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए राजौरी जिले में एलओसी पर स्थित अग्रिम चौकियों पर गोलियां चलाईं थीं जिसमें सेना का एक जवान शहीद हो गया था. राजौरी के उपायुक्त शाहिद इकबाल चौधरी ने कहा, ‘नौशेरा सेक्टर में संघर्ष विराम के उल्लंघन की घटनाओं को देखते हुए पिछले एक सप्ताह में शरणाथर्यिों की संख्या बढ गयी है. कुल 839 परिवारों के 3361 लोग विभिन्न शिविरों में रह रहे हैं.

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