मखाना अनुसंधान केंद्र हस्तांतरित करना, पूर्णिया के साथ छल : कांग्रेस

पूर्णिया

पूर्णिया. सहरसा के अगवानपुर में मखाना अनुसंधान केंद्र खोले जाने के निर्णय पर कांग्रेस पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष बिजेंद्र यादव ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है. श्री यादव ने कहा कि पूर्णिया कृषि कॉलेज में प्रस्तावित मखाना अनुसंधान प्रोसेसिंग केंद्र को स्थानांतरित कर सहरसा के अगवानपुर ले जाने का निर्णय पूर्णिया के साथ सरासर अन्याय एवं हकमारी है. यह निर्णय न केवल पूर्णिया बल्कि पूरे सीमांचल क्षेत्र के किसानों, युवाओं और कृषि आधारित व्यवस्थाओं के हित के खिलाफ है. पूर्व जिला अध्यक्ष बिजेंन्द्र यादव ने कहा कि पूर्णिया और आसपास का क्षेत्र मखाना उत्पादन के लिए अत्यंत उपयुक्त रहा है. यहां के किसान वर्षों से मखाना की खेती कर अपनी आजीविका चला रहे हैं ऐसे में मखाना अनुसन्धान प्रोसेसिंग केंद्र का पूर्णिया कृषि कॉलेज में खुलना क्षेत्रीय विकास, रोजगार सृजन और किसान को उचित मूल्य दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होता लेकिन इस केंद्र को कहीं और हस्तांतरित करना स्थानीय जन भावनाओं की अनदेखी है. उन्होंने सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है. पूर्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष बिजेंन्द्र यादव ने कहा कि अगर हमारी मांग को ना मंजूर किया गया तो कांग्रेस पार्टी आन्दोलन के लिए तैयार है. श्री यादव ने कहा बनमनखी में 118 बीघा जमीन है उसमें जूट फैक्ट्री, राइस मिल, मखाना प्रोसेसिंग, इथेनॉल फैक्ट्री आदि खोला जाता है तो किसानों को लाभ होता. यह जमीन उद्योग एवं रोजगार सृजन के उद्देश्य से ही दी गई थी लेकिन अब तक इसका समुचित उपयोग नहीं किया जाना सरकार, नेता और प्रशासन की उदासीनता एवं अनदेखी को दर्शाता है. उन्होंने मांग करते हुए कहा बनमनखी में बियाड़ा की उपलब्ध जमीन का सदुपयोग करते हुए शीघ्र जूट फैक्ट्री, राइस मिल एवं मखाना प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना की जाए. यदि इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया गया तो कांग्रेस पार्टी और किसान एक साथ होकर जनहित में आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी.

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By SATYENDRA SINHA

SATYENDRA SINHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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