किसानों के साथ जोर-जबरदस्ती हुई तो होगी आर-पार की लड़ाई : अजीत मुजफ्फरपुर. कांटी थर्मल पावर प्लांट को पाइपलाइन बिछाने के लिए स्थानीय किसान जमीन देने को तैयार हैं, लेकिन उन्होंने भू अर्जन विभाग के सामने कुछ शर्तें रखी हैं. किसानों का कहना है कि विभाग उनकी समस्याओं को सुने और उन्हें आवासीय दर पर मुआवजा दे, तभी वे जमीन अधिग्रहण करने देंगे.पूर्व मंत्री अजीत कुमार ने रतनपुरा में किसानों की सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यदि किसानों की बात सुने बिना जबरदस्ती जमीन अधिग्रहण का प्रयास किया गया तो वे आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे. उन्होंने अधिग्रहण प्रक्रिया को त्रुटिपूर्ण बताते हुए कहा कि पहले भी मुआवजे में गड़बड़ी हुई है और एनटीपीसी ने कम मुआवजा देकर ज्यादा जमीन पर कब्जा किया है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि किसानों की कृषि योग्य जमीन को कम दर पर दिखाकर बैंक से लोन लिया गया है. किसानों का कहना है कि अधिग्रहण की अधिसूचना के पांच साल बाद भी अवार्ड घोषित नहीं किया गया है और प्रभावित गांव ढ़ेमहां का नक्शा भी उपलब्ध नहीं है. इसके बावजूद प्रशासन जमीन पर कब्जा करने का दबाव बना रहा है. किसानों ने एनटीपीसी पर फर्जी तरीके से जमीन का म्यूटेशन कराने का भी आरोप लगाया है. किसानों ने स्पष्ट कहा है कि वे अपनी शर्तों पर ही जमीन देंगे, अन्यथा वे किसी भी कीमत पर जमीन नहीं देंगे और इसके लिए आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं. सभा की अध्यक्षता पूर्व मुखिया नंदकिशोर सिंह ने किया सभा को स्थानीय किसान गुड्डू चौधरी अशोक चौधरी मनोज चौधरी मनोज शर्मा सुजीत कुमार सिंह पूर्व सरपंच मुन्ना ठाकुर शिवेंद्र सिंह पप्पू सिंह मनोज सिंह शिव मोहन जगदीश राय लक्ष्मण ठाकुर मीना देवी बृजभूषण शर्मा, इंद्रदेव सिंह आदि किसानों ने संबोधित किया़
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