बिस्फी . जीवन में सफल होने के लिए पढ़ाई के अलावा खेल महत्वपूर्ण है. वह एक दौर था जब पढ़ने-लिखने के लिए कहा जाता था- कि “पढोगे लिखोगे बनोगे नवाब, खेलोगे कूदोगे होंगे खराब. आज खेल न सिर्फ दुनियाभर के वैमनस्य को खत्म करने में योगदान दे रहा. बल्कि बाल मन और उनके भीतर सामूहिकता की भावना को विकसित करने में मददगार हो रहा है. प्रखंड क्षेत्र के उत्क्रमित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, रघौली में तीन दिवसीय विद्यालय स्तरीय खेलोत्सव का समापन करने के दौरान बीईओ महेश पासवान ने कही. प्राचार्य भगवानजी मिश्र की अध्यक्षता और कृष्णलाल सहगल के संचालन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया. चेतना सत्र के दौरान हॉकी के जादूगर एवं खेल रत्न मेजर ध्यानचंद के जीवनी पर प्रकाश डाला. खेलोत्सव के महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सफल होने के लिए पढ़ाई के साथ- साथ खेल की भूमिका आवश्यक है. कक्षा छह से 12 तक के प्रतिभागी, छात्र-छात्रा बैडमिंटन, कबड्डी, खो-खो, बास्केट बॉल, स्लो साइकिल रेस, फास्ट्र साइकिल रेस आदि प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर भाग लिया. खेलोत्सव के संचालन में पीईटी सनोज कुमार, शिक्षिका सपना कुमारी, जिम्पी कुमारी, नेहा कुमारी, अनिता कुमारी, रेखा कुमारी, शिक्षक राजेश कुमार, सुजीत कुमार आदि शिक्षको ने अहम भूमिका निभाई. वहीं राधिका कुमारी, प्रतिक्षा कुमारी, सोनाली कुमारी, लक्ष्मी कुमारी, अंशू कुमार, अंतरा कुमारी आदि बच्चों ने विभिन्न खेलों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया.
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