Darbhanga News: दरभंगा. महागठबंधन की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान राहुल गांधी के सुरक्षाकर्मियों के एक बाइक ले जाने का मामला सामने आया है. वाकया 27 अगस्त का है. बाइक मालिक अपने वाहन को वापस लेने के लिए कांग्रेस नेताओं के पास दौड़ लगा रहा है. अभी तक बाइक उन्हें नहीं मिली है. हाइवे के बगल में अवस्थित एक लाइन होटल के संचालक सह बाइक मालिक शुभम सौरभ का कहना है कि उनके होटल पर चाय पीने नेता प्रतिपक्ष के सुरक्षाकर्मी पहुंचे थे. चाय बनाने के लिए कहा. होटल पर लगी बाइक देखकर उसे देने के लिए बोले. शुभम के अनुसार उसके पिता ने बाइक देने से इंकार दिया. सुरक्षाकर्मियों ने कहा कि राहुल गांधी यात्रा के दौरान कुछ दूर बाइक से जायेंगे. उनलोगों को भी बाइक की आवश्यकता पड़ेगी. आप बाइक के साथ एक व्यक्ति को दे दीजिए, शोभन में उसे बाइक वापस कर दी जाएगी. शुभम के अनुसार काफी कहने के पर पिता ने बाइक दे दी. राहुल गांधी के वहां पहुंचने पर उसे एक स्कार्पियो में बैठा दिया गया. सुरक्षाकर्मी उसकी बाइक लेकर चले गये. वह स्कार्पियो से शोभन तक गया. वहां बाइक नहीं मिली. बाइक नहीं मिलने पर कांग्रेस के नेताओं को फोन करने पर उसे सीतामढ़ी बुलाया गया. इसके बाद मोतिहारी के ढाका बुलाया. वहां पहुंचने पर बताया गया कि कांग्रेस नेता डॉ मदन मोहन झा से बात कर लीजिए. आपकी समस्या का समाधान हो जायेगा. उनसे बात करने पर कहा कि हम देखते हैं. शुभम का कहना है कि एक वीडियो में यात्रा के दौरान उसकी बाइक पर सुरक्षाकर्मी बैठे हुए दिख रहे हैं. उसका कहना है कि होटल से बाइक ले जाने वाले व्यक्ति का फोटो व वीडियो उसके पास है. वह बाइक नहीं मिलने से काफी परेशान है. इधर कांग्रेस के जिला मीडिया प्रभारी सह मुख्य प्रवक्ता मो असलम ने इसे बेबुनियाद बताया. कहा कि इंडी गठबंधन की वोटर अधिकार यात्रा की सफलता से सत्ता पक्ष पूरी तरह से बौखलाहट में है. तरह-तरह से बदनाम करने की कोशिश की जा रही है. पहले गाली देने की बात और अब बाइक ले जाने का आरोप. जनता सब देख और समझ रही है. यह सत्ता पक्ष की ओछी राजनीति का प्रतीक है.
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