बरहरवा
नगर पंचायत के गठन के आठ वर्षों से अधिक समय बीत गया है. लेकिन, आज भी यहां की जनता जाम जैसी गंभीर समस्या से निजात नहीं पा सकी है. आये दिन बरहरवा बाजार में सड़क जाम देखने को मिलता रहता है. जिसमें सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों व राहगीरों को होती है. कई बार तो मरीजों को लाने और ले जाने वाली एम्बुलेंस भी जाम में फंस चुकी है. ज्ञात हो कि समय-समय पर बरहरवावासियों को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिये नगर प्रशासन, स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाती है. लेकिन, अतिक्रमण हटाओ अभियान के कुछ घंटों बाद वही पुरानी स्थिति हो जाती है. पुन: सड़क पर दुकानें लग जाती है और वाहन खड़े हो जाते है. हाल ही में 9 सितंबर को नगर प्रशासन व पुलिस प्रशासन ने मिलकर रेलवे फाटक से लेकर मुंशी पोखर तक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया था, जिसमें सड़क किनारे अवस्थित दुकानों को हटाया गया था और वाहन चालकों को भी कड़ी चेतावनी दी गयी थी. लेकिन, प्रशासन के जाने के कुछ ही देर बाद पुनः पुरानी स्थिति हो गयी. वहीं नगर की प्रमुख सड़क पूर्वी रेलवे फाटक से सब्जी मंडी, स्टेशन चौक, पहाड़ी बाबा चौक से मुंशी पोखर तक प्रतिदिन दर्जनों फल, सब्जियों, नाश्ता आदि की दुकानें संकीर्ण सड़क पर या सड़क किनारे लगायी जाती है. जिससे संकीर्ण सड़कें और छोटी हो जाती है. अगर एक बार में दो-बड़ी गाड़ियां आ जायें तो जाम लगना निश्चित है. स्टेशन चौक, पहाड़ी बाबा चौक, कुशवाहा चौक, रेलवे फाटक और बोहरा मंदिर के समीप प्रतिदिन दर्जनों ई-रिक्शा और ऑटो चालकों में सामान्य पैसेंजर और ट्रेनों से उतरने वाले पैसेंजरों को बैठाने की होड़ लगी रहती है. इसके अलावे बंद पूर्वी रेलवे फाटक की दूसरी ओर टोटो-ऑटो खड़े रहने से बरहरवा तक जाम लग जाता है. हाटपाड़ा और पतना चौक में भी छोटे-मोटे जाम लगते रहते है. जाम के प्रमुख कारणों में नागरिकों द्वारा बरती जाने वाली लापरवाही भी है. सुबह और शाम के समय ज्यादातर ग्राहक अपनी मोटरसाइक, साइकिल आदि सड़क पर खड़ी करके खरीदारी करते है, जिससे संकीर्ण रास्ता अवरुद्ध हो जाता है.
नगर के पास नहीं है अपना मार्केट व ऑटो-टोटो स्टैंड नगर प्रशासन द्वारा बरहरवा शहर को व्यवस्थित, सुंदर व जाम रहित बनाने के लिये अभी तक कोई ठोस पहल नहीं की गयी है. नगर में ऑटो और टोटो स्टैंड, फल, सब्जी और फुटकर दुकानदारों के लिये मार्केट या जगह उपलब्ध नहीं कराया गया है. जिस कारण मजबूरन दुकानदार रोजी-रोटी के लिये सड़क पर ही दुकान लगाते हैं. वाहन चालकों व दुकानदारों का कहना है कि नगर पंचायत द्वारा हमारे वाहनों व दुकानों से टैक्स के नाम पर रकम तो वसूली जा रहा है, लेकिन स्थायी स्टैंड और मार्केट की व्यवस्था नहीं की जा रही है. जब भी शहर में किसी वीआईपी का आगमन होता है, तो प्रशासन द्वारा विभिन्न चौक-चौराहों पर जाम लगने नहीं दिया जाता है. लेकिन, आम दिनों में जाम की समस्या का कोई सुधि लेने वाला कोई नहीं है. पूर्व में एसडीपीओ प्रदीप उरांव द्वारा नगर में वाहनों की अस्थायी स्टैंड की व्यवस्था की गयी थी. नगर के बाहर ही बाहरी वाहनों को रोक दिया जाता था, लेकिन कुछ समय बाद ही यह व्यवस्था भी धराशायी हो गयी. इसीलिये, नगर प्रशासन को स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रबुद्ध नागरिकों के साथ बैठकर जाम की समस्या का हल निकालना चाहिये और स्थायी स्टैंड व मार्केट बनाने पर पहल करनी चाहिये.क्या कहते हैं लोग
नगर पंचायत के गठन के आठ वर्ष बीत जाने के बाद भी जाम की समस्या जस की तस बनी हुई है. प्रतिदिन ऑटो और ई-रिक्शा चालकों द्वारा घंटों वाहन बीच सड़क पर खड़ा करके पैसेंजर बैठाया जाता है. इस कारण स्टेशन चौक, सब्जी मंडी, पहाड़ी बाबा चौक व अन्य स्थानों पर लम्बा जाम लगा रहता है. प्रशासन को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिये ठोस पहल करनी चाहिये.
– फोटो- 00, राजीव रंजन
बरहरवा पहाड़ी बाबा चौक से लेकर स्टेशन चौक तक व स्टेशन चौक व मेन रोड में प्रतिदिन सुबह-शाम जाम लगा रहता है. जिस कारण व्यापारियों, स्कूली बच्चों व मरीजों को काफी दिक्कत होती है. नगर पंचायत द्वारा वाहन चालकों व दुकानदारों से टैक्स तो वसूला जाता है, लेकिन स्थायी स्टैंड व मार्केट की व्यवस्था नहीं की गयी है. स्थानीय जनप्रतिनिधि भी जाम की समस्या को लेकर उदासीन हैं.
– फोटो- 00, सुमित गुप्तानगर पंचायत में जाम का प्रमुख कारण सड़क में लगी दुकानें हैं. दुकानदार इन दुकानों के जरिये अपना घर चलाते हैं. इसीलिये, नगर प्रशासन को फुटपाथ में लगे दुकानों को सुनिश्चित जगह उपलब्ध करवानी चाहिये. साथ ही नगर क्षेत्र में ई-रिक्शा और ऑटो के स्थायी स्टैंड का भी निर्माण करना चाहिये, ताकि आम नागरिकों को जाम जैसी गंभीर समस्या से जूझना न पड़े.
– फोटो- 00, अमित भारती
बरहरवा के प्रमुख चौक-चौराहों पर एक भी ट्रैफिक पुलिस की व्यवस्था नहीं है. कभी-कभार ही पुलिस के एक-दो जवान रहते हैं. लेकिन, अगर कभी कोई वीआईपी शहर में आता है, तो ट्रैफिक व्यवस्था ठीक हो जाती है. जाम लगने से व्यवसायियों और राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. प्रशासन को ठोस कदम उठाना चाहिये.
– फोटो- 00, बंटी भगत क्या कहते हैं अधिकारीनगर प्रशासन को अतिक्रमण की सूचना मिलने पर समय-समय पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाता है. जिसमें दुकानदारों व वाहन चालकों को सख्त हिदायत दी जाती है. साथ ही जुर्माना भी लगाया जाता है. फिर भी, दुकानदार दुकानें लगा देते है. जाम की समस्या को लेकर प्रशासन गंभीर है, शीघ्र ही इसके समाधान के लिये ठोस कदम उठाया जायेगा.
फोटो- 00, दीपक कुमार, नगर प्रशासक
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