महानगर में अवैध तरीके से कुछ लोग अपने घरों में पाल रहे कुत्ते

ज्यादातर पशु प्रेमियों के पास डॉग लाइसेंस नहीं, 150 रुपये में कुत्ते का कराया जा सकता है पंजीकरण

शिव कुमार राउत, कोलकाता

कुत्ता पालने का शौक लोगों में तेजी से बढ़ रहा है. कोलकाता में भी पशु प्रेमियों की संख्या कम नहीं है. महानगर में विदेशी नस्ल के कुत्तों को पालने वालों की भी संख्या कम नहीं है. पर कुत्ते पालने वाले ज्यादातर पशु प्रेमियों के पास डॉग लाइसेंस नहीं है. वहीं, अधिकांश लोगों को यह मालूम ही नहीं है कि उन्हें उनके प्यारे टॉम- बिन्नी- शेरू को पालने के लिए डॉग लाइसेंस भी लेना पड़ता है. बता दें कि महानगर में कोलकाता नगर निगम द्वारा डॉग लाइसेंस जारी किया जाता है. लेकिन निगम से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अब तक गिने-चुने लोगों के पास ही डॉग लाइसेंस है. जानकारी के अनुसार, कोलकाता में पालतू कुत्तों की जनसंख्या ही नहीं, कारोबार भी तेजी से फैल रहा है. विदेशी नस्ल के कुत्तों तक की ब्रीडिंग करायी जा रही. इन्हें मनमानी कीमत पर बेचा भी जाता है.

ऐसे जारी किया जाता है डॉग लाइसेंस

डॉग लाइसेंस के लिए निगम के लाइसेंस विभाग में ऑनलाइन आवेदन करना पड़ा है. लाइसेंस के लिए कुत्ते का वैक्सीनेशन कराना जरूरी है. एंटी रेबीज का टीका लगवाना पड़ता है. वैक्सीनेशन के बाद ही पशु चिकित्सक मेडिकल सर्टिफिकेट जारी करते हैं, जिसके आधार पर ही निगम एक साल के लिए डॉग लाइसेंस जारी करता है. वहीं, हर साल लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए 150 रुपये का भुगतान करना पड़ता है. पर कोलकाता में लोग डॉग लाइसेंस के बिना ही कुत्तों को पाल रहे हैं. जिससे निगम को आर्थिक नुकसान भी हो रहा है.

वर्ष 2025-26 में महानगर में अब तक जारी हुए हैं मात्र 421 डॉग लाइसेंस

निगम से प्राप्त जानकारी के अनुसार, महानगर में वर्ष 2025-26 में अभी तक मात्र 421 डॉग लाइसेंस जारी किये गये. गैर सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, महानगर में पालतु कुत्तों की संख्या 50 हजार से अधिक है. इस संबंध में निगम के एक अधिकारी ने बताया कि मात्र 150 रुपये में निगम डॉग लाइसेंस जारी करता है. वहीं, हर साल इतने रुपये में ही लाइसेंस का नवीनीकरण भी किया जाता है. फिर लोग डॉग लाइसेंस के बिना ही कुत्तों को पाल रहे हैं, जो गैर कानूनी है. बताया कि सालाना 150 रुपये का भुगतान कर डॉग लाइसेंस को प्राप्त किया जा सकता है.

क्या कहते हैं पशु प्रेमी

इस संबंध में महानगर के एक पशुप्रेमी राजीव घोष ने बताया कि कोलकाता में डॉग लाइसेंस के संबंध में एक तो जागरूकता की कमी है. वहीं, लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन करना पड़ता है. बताया कि निगम को ऑफलाइन भी आवेदन की व्यवस्था रखना चाहिए, ताकि, अधिक लोग डॉग लाइसेंस के लिए आवेदन कर सके. उन्होंने कहा कि इससे निगम को भी राजस्व प्राप्त होगा. कोलकाता के एक अन्य पशु प्रेमी अर्जोइता दास ने बताया कि कुछ लोग खुद को पशु प्रेमी बता कर कुत्तों की ब्रीडिंग कराते हैं. एक कुत्ते को दो से पांच हजार रुपये में बेचते हैं. पर ऐसे पशुप्रेमी डॉग लाइसेंस नहीं लेते हैं. वहीं, कुछ लोग अशिक्षित पैरा वेट (पशु चिकित्सकों के सहायक) से वैक्सीन लगवा लेते हैं. पर लाइसेंस नहीं लेते हैं, क्योंकि लाइसेंस प्राप्त करने के लिए पशु चिकित्सक का मेडिकल सर्टिफिकेट होना जरूरी है. उन्होंने बताया कि कुत्ता पालने वाले हर व्यक्ति के पास डॉग लाइसेंस होगा, तो इससे पालतु डॉग्स की सटीक संख्या की भी जानकारी निगम के पास होगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >