शोध कार्य में परिकल्पना परीक्षण की भूमिका अहम

माधव 45विवि के अर्थशास्त्र विभाग में कार्यशाला के दूसरे दिन अलग-अलग सत्र का आयोजन वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुरबीआरएबीयू के पीजी अर्थशास्त्र विभाग में कार्यशाला के दूसरे दिन अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से

माधव 45

विवि के अर्थशास्त्र विभाग में कार्यशाला के दूसरे दिन अलग-अलग सत्र का आयोजन

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

बीआरएबीयू के पीजी अर्थशास्त्र विभाग में कार्यशाला के दूसरे दिन अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से आये प्रो मोहम्मद तारिक ने व्याख्यान दिया. परिकल्पना परीक्षण विषय पर पहले व दूसरे सत्र में उन्होंने विस्तारपूर्वक समझाया. कहा कि शोध कार्य में परिकल्पना परीक्षण की अत्यंत अहम भूमिका है. उन्होंने कहा कि प्रत्येक कथन को परिकल्पना नहीं माना जा सकता, इसमें संभाव्यता की अवधारणा जुड़ी होती है. प्रो तारिक ने यह भी कहा कि पीएचडी शोध प्रबंध में परिकल्पना परीक्षण का समावेश अनिवार्य है. इसमें परिकल्पना को स्वीकार या अस्वीकार किया जाता है. कहा कि गुणवत्तापूर्ण पीएचडी शोध प्रबंध के लिए अर्थमिति उपकरणों का प्रयोग आवश्यक है. दोपहर सत्र के दौरान एलएन मिथिला विश्वविद्यालय से डॉ खुर्शीद अहमद खान ने सॉफ्टवेयर पर डेटा के वर्णनात्मक विश्लेषण का प्रशिक्षण दिया. शोधार्थी अभय रंजन, रितु वर्मा, शिल्पा, अनुप्रिया, राहुल आशुतोष, काजल, सोनू शर्मा, रितु, दीपक, सुगंधा, सुरभि, रीना, वंदना, रजनी, छोटन, रंजन, देवनारायण आदि मौजूद रहे. इन व्यावहारिक सत्रों में अत्यंत उत्साहपूर्वक भाग लिया और सीखने में रुचि दिखायी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By ANKIT

ANKIT is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >