इरशाद आलम के नाम रहा सहरसा मुख्य बस स्टैंड का सैरात, 80 लाख में हुई बंदोबस्ती
नगर निगम क्षेत्र के मुख्य बस पड़ाव के सैरात की बंदोबस्ती मंगलवार को गहमागहमी के बीच नगर निगम कार्यालय में संपन्न हुई.
By Dipankar Shriwastaw | Updated at :
सहरसा. नगर निगम क्षेत्र के मुख्य बस पड़ाव के सैरात की बंदोबस्ती मंगलवार को गहमागहमी के बीच नगर निगम कार्यालय में संपन्न हुई. इस बंदोबस्ती प्रक्रिया में इरशाद आलम ने सबसे ऊंची बोली लगाकर बस स्टैंड का ठेका अपने नाम कर लिया. उन्होंने 80 लाख रुपये की अंतिम बोली लगायी. नगर निगम आयुक्त प्रभात कुमार झा के वेश्म में महापौर बेन प्रिया की अध्यक्षता में यह डाक प्रक्रिया आयोजित की गयी थी. सरकारी नियमों के अनुसार सफल बोलीदाता को अंतिम राशि पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त राशि का भुगतान करना होता है. इस आधार पर इरशाद आलम ने कुल 88 लाख रुपये नगर निगम के केनरा बैंक खाते में जमा किया है.
दिन भर बनी रही गहमागहमी
बस स्टैंड की बंदोबस्ती को लेकर सुबह से ही नगर निगम कार्यालय परिसर में भारी हलचल देखी गयी. स्थानीय राजनीति एवं ठेकेदारी से जुड़े लोगों की मौजूदगी के कारण माहौल काफी प्रतिस्पर्धी रहा. इस डाक में मुख्य रूप से चार बिडर्स ने अपनी किस्मत आजमाई. जिसमें इरशाद आलम सफल बोलीदाता, मुरारी प्रसाद यादव, गोपी कृष्ण, राकेश कुमार शामिल रहे.
प्रक्रिया रही पारदर्शी : महापौर
प्रक्रिया के समापन के बाद महापौर बेनप्रिया ने मीडिया को संबोधित करते कहा कि पूरी डाक प्रक्रिया नगर आयुक्त एवं सशक्त समिति की निगरानी में पूरी तरह पारदर्शी तरीके से संपन्न करायी गयी है. उन्होंने बताया कि निगम के राजस्व को ध्यान में रखते नियमों का पूरी तरह पालन किया गया. इस बंदोबस्ती से नगर निगम के कोष में बड़ी राशि मिली है. जिसका उपयोग शहर के विकास कार्यों में किया जायेगा. मौके पर उपमहापौर उमर हयात सहित सशक्त स्थायी समिति के सभी सदस्य मौजूद थे.