साहराय पर्व में पांच दिनों की छुट्टी घोषित करने की मांग

जामताड़ा. आदिवासी बुद्धिजीवियों की बैठक शुक्रवार को गांधी मैदान में हुई. इस अवसर पर झारखंड सरकार की ओर से संतालों का सबसे बड़ा पर्व सोहराय की अनदेखा करने, छुट्टी

जामताड़ा. आदिवासी बुद्धिजीवियों की बैठक शुक्रवार को गांधी मैदान में हुई. इस अवसर पर झारखंड सरकार की ओर से संतालों का सबसे बड़ा पर्व सोहराय की अनदेखा करने, छुट्टी नहीं देने पर कड़ा विरोध जताया गया. बताया कि झारखंड सरकार ने सोहराय को मकर संक्रांति के साथ केवल एक दिन का अवकाश घोषित किया है, जबकि सोहराय संतालों का सबसे बड़ा पर्व है जो पांच दिनों तक मनाया जाने वाला आस्था का पर्व है. सरकार को यथाशीघ्र अवकाश तालिका में परिवर्तन कर पांच दिन की छुट्टी घोषित करना चाहिए. अन्यथा आदिवासी जनभावनाओं के खिलाफ समझा जायेगा और विरोध प्रदर्शन किया जायेगा. मौके पर देवेंद्र मुर्मू, सुधीर सोरेन, बलदेव मुर्मू, जीशू हेंब्रम, कृपाशंकर लाल टुडू, बबलू मरांडी, निर्मल मरांडी, जगरनाथ हेंब्रम, सुखदेव सोरेन, मितोन सोरेन, रामकिशोर मुर्मू, दुलाल हांसदा, नंदलाल सोरेन, होपना सोरेन, देवनारायण आदि मौजूद थे.

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By Prabhat Khabar News Desk

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