बलिया बेलौन मरकजी रोयते हेलाल इस्लाही कमेटी सालमारी के मौलाना मेराज आलम ने जानकारी दी कि चांद के 30वीं तारीख के मुताबिक रमजानुल मुबारक रविवार से शुरू होगा. इस दौरान लोगों को रोजा का एहतमाम करने की बात कहते हुए कहा की यह पाक, बरकत वाला महीना है. भूखे, प्यासे रहकर शाम में इफ्तार करना अल्लाह रब्बुल इज्जत को बहुत पसंद है. सुबह शादिक से पहले सेहरी का एहतमाम करना सुन्नत है. जो बीमार है या किसी वजह से रोजा फर्ज नहीं है. उसे छोड़कर सभी बालिग पुरुष और महिलाएं पर रोजा फर्ज है. रोजा की इबादत में 70 गुणा अधिक शवाब मिलता है. नफल इबादत का शवाब फर्ज के बराबर मिलता है. इस महीने में ज्यादे से ज्यादे इबादत करनी चाहिए. रोजेदार को इफ्तार कराने का बहुत शवाब है. रोजा में तरावीह की नमाज वाजिब करार दी गयी है. उन्होंने कहा की इस महीने में अल्लाह पाक सभी शैतान को कैद कर लेते हैं. जन्नत का सभी दरवाजा खोल देते हैं. रमजानुल मुबारक में अहले निशाब पर फितरा वाजिब है.
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