प्लेट्लेटस व एमआरआइ अब सदर अस्पताल में भी

-एसकेएमसीएच जैसी सुविधाएं यहां भी -ब्लड बैंक में आयेगी एफरेसिस मशीन वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुरप्लेट्लेटस व एमआरआइ की सुविधा सदर अस्पताल में भी अब मिला करेगी. अगर प्लेट्लेटस की जरूरत पड़ी

-एसकेएमसीएच जैसी सुविधाएं यहां भी

-ब्लड बैंक में आयेगी एफरेसिस मशीन

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

प्लेट्लेटस व एमआरआइ की सुविधा सदर अस्पताल में भी अब मिला करेगी. अगर प्लेट्लेटस की जरूरत पड़ी है तो तीमारदारों को एसकेएमसीएच नहीं जाना पड़ेगा. अस्पताल परिसर में ही ब्लड से प्लाज्मा व प्लेट्लेटस बनानेवाली एफरेसिस मशीन लगायी जायेगी. मशीन अगले महीने लग जायेगी. रोगी को प्लाज्मा और प्लेटलेट्स की दिक्कत नहीं होगी.

अभी जो मशीन सदर अस्पताल में लगायी जा रही, उसमें डोनर को ड्रिप लगाने के बाद ब्लड मशीन में जायेगा. मशीन खून से प्लेटलेट्स व प्लाज्मा को अलग कर देगी. इससे समय की काफी बचत होगी.

एसकेएमसीएच में खून से प्लाज्मा और प्लेटलेट्स तत्काल अलग करने वाली एफेरेसिस फंक्शनल मोड में लगी है. इस मशीन से चार घंटे तक का वक्त लग जाता है. डेंगू के मरीजों के लिए प्लाज्मा और प्लेटलेट्स की मांग बढ़ने पर काफी समस्या होती है.

मॉडल में एमआरआइ की सुविधा

अस्पताल में जल्द ही एमआरआइ की सुविधा भी मिलने लगेगी. मॉडल अस्पताल में जल्द ही मशीन लगेगी. स्वीकृति मिल गयी है. अस्पताल में मैग्नेटिक रेजोनेंस इमरेजिंग (एमआरआइ) की सुविधा जल्द शुरू होगी. निजी अस्पतालों में एमआरआइ के लिए चार से दस हजार रुपये तक देने होते हैं.

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मरीजों को एमआरआइ व प्लेट्लेटस के लिए एसकेएमसीए जाना नहीं पड़ेगा. यह सुविधा यहीं मिल जायेगी. इसे पीपीइ मोड पर संचालित किया जायेगा.- बाबू साहब झा, अधीक्षक, सदर अस्पताल

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Published by: Kumar dipu

स्वास्थ्य, राजनीति, समाज और समसामयिक विषयों पर दीपू रिपोर्टिंग करते हैं. इन्हें पत्रकारिता में 16 साल का अनुभव है.

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