मस्जिदों में अदा की गयी अलविदा जुमे की नमाज

पाकुड़िया. अलविदा जुमा सिर्फ रमजान के खत्म होने की निशानी नहीं बल्कि ईद की खुशियों का पैगाम भी है. इस दिन मस्जिदों में विशेष नमाज अदा की जाती है. रमजान

पाकुड़िया. अलविदा जुमा सिर्फ रमजान के खत्म होने की निशानी नहीं बल्कि ईद की खुशियों का पैगाम भी है. इस दिन मस्जिदों में विशेष नमाज अदा की जाती है. रमजान के पाक महीने के अंतिम जुमे को रोजेदारों ने अलविदा की नमाज अदा की. शुक्रवार को मगफिरत और रहमत के पाक महीने में आखिरी जुमा यानी अलविदा की नमाज अदा करने के लिए नमाजियों की भीड़ उमड़ी. प्रखंड के पलियादाहा, सोरला, डोमनगड़िया, ढेकीडुबा, लाकड़ापहाड़ी, मोगलाबांध स्थित मस्जिदों में खुतबा के बाद अलविदा जुमे की नमाज अदा की गयी. इमाम मुफ्ती नूर आलम ने बताया कि रमजान का हर दिन खास होता है, लेकिन अलविदा जुमे की अहमियत सबसे अधिक है. जुमे के बाद ईद मनायी जाती है. उन्होंने बताया कि अल्लाह ताला ने रमजान के इनाम के बदले में ये तोहफा दिया है, जिसमें घर में बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक हर किसी के शरीर पर नया लिबास होता है. नमाज अदा कराने के बाद देश और मुल्क में अमन चैन और भाईचारा कायम रहे इसके लिए दुआएं मांगी गयी. वहीं ईद की तैयारियों को लेकर बाजारों में भारी भीड़ देखने को मिल रही है. फलों, सेवइयां, कपड़ों और अन्य सामान की दुकानों पर भीड़ है. लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं.

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By Prabhat Khabar News Desk

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