Madhubani : बेनीपट्टी में धौंस नदी का बढ़ा जलस्तर, अधवारा समूह की अन्य नदियों के जलस्तर में वृद्धि जारी

बेनीपट्टी. अनुमंडल के सभी प्रखंड क्षेत्रों से गुजरने वाली अधवारा समूह की प्रमुख सहायक नदी धौंस सहित अन्य नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है. मंगलवार को तीन फुट

बेनीपट्टी. अनुमंडल के सभी प्रखंड क्षेत्रों से गुजरने वाली अधवारा समूह की प्रमुख सहायक नदी धौंस सहित अन्य नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है. मंगलवार को तीन फुट जलस्तर बढ़ने की बात स्थानीय लोगों ने बताई. कई स्थानों से पानी मैदानी इलाकों की ओर फैलने लगा है. बताते चले कि पांच दिन पहले तक धौंस सहित अधवारा समूह की सभी सहायक नदियों का जलस्तर जहां सामान्य थी. वहीं पिछले दिनों हुई लगातार झमाझम बारिश से रविवार से जलस्तर में इजाफा होने लगा जो सोमवार को दो फुट जलस्तर बढ़ा और मंगलवार की शाम तक एक फुट और पानी बढ़ गया है. ग्रामीणों ने बताया कि सोमवार को करहारा गांव स्थित सीताराम यादव के गाछी के पास बांध में रिसाव होने लगा था. जिसे स्थानीय लोगों के प्रयास से मरम्मत किया गया है. लेकिन अब भी उक्त जगह पर पानी का दवाब बना हुआ है. ग्रामीणों ने बताया कि अगर पानी का दवाब इसी तरह बढ़ता रहा तो बांध टूट सकता है और बांध टूटने पर करहारा, सोहरौल, बिरदीपुर, समदा आदि गांवों में तबाही मचा सकती है. प्रशासन को नदी के तटबंध और बांधो पर नजर बनाये रखने की जरूरत है. लगातार जलस्तर बढ़ने से नदियों के किनारे बसे दर्जनों गांव के लोगों की धड़कने तेज होने लगी है. लोगों ने बताया कि सीतामढ़ी जिले के चौरौत से रातो नदी का पानी निकलकर मैदानी इलाके होते हुए मधवापुर-बेनीपट्टी प्रखंड सीमा त्रिमुहान में आकर धौंस नदी में मिलकर रजबा, धनुषी, माधोपुर राजघट्टा व बर्री गांव की ओर मुड़नेवाली कोकराझाड़ नदी का पानी मैदानी इलाकों की ओर फैल जाता है . जलस्तर बढ़ने से मल्हामोर के पश्चिम दिशा में ओवर फ्लो होकर मैदानी इलाकों में फैल चुका है. धौंस नदी के जलस्तर बढ़ने के बाद उन सभी नदियों के जलस्तर में भी इजाफा होने की संभावना प्रबल दिखती है. अभी भी बाढ़ आने की संभावना से इंकार नही किया जा सकता. नदी किनारे के आस-पास में बसे दर्जनों गांवों के लोग सहमे नजर आने लगे हैं. करहारा गांव के ग्रामीण शिव कुमार साफी, विनोद यादव नवल किशोर यादव, दुःखमोचन राम, दुःखी यादव, किशोरी यादव व रामाशीष यादव समेत कई लोगों ने कहा कि नेपाल से पानी छोड़े जाने पर क्षेत्र में बाढ़ आने की सभांवना से इनकार नही किया जा सकता. वैसे भी विगत वर्षों में अनुमंडल के सभी प्रखंड बाढ़ की विभीषिका का सामना करता रहा है और जान माल की क्षति भी झेलनी पड़ी है.

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By SHAILENDRA KUMAR JHA

SHAILENDRA KUMAR JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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