हिस्ट्रीशीटर चोरों पर नकेल, गुंडा पंजी में दर्ज होंगे नाम; थाने में लगेगी हाजिरी

चोरी की बढ़ती वारदातों पर पुलिस प्रशासन ने की नाकेबंदी सिटी एसपी के निर्देश, गली-मोहल्लों में बढ़ेगी पैदल गश्त संवाददाता, मुजफ्फरपुरबढ़ती चोरी की वारदातों से जनता परेशान है. इसपर अंकुश

चोरी की बढ़ती वारदातों पर पुलिस प्रशासन ने की नाकेबंदी

सिटी एसपी के निर्देश, गली-मोहल्लों में बढ़ेगी पैदल गश्त

संवाददाता, मुजफ्फरपुर

बढ़ती चोरी की वारदातों से जनता परेशान है. इसपर अंकुश लगाने के लिए सिटी एसपी कोटा किरण कुमार ने निर्देश दिये हैं कि हिस्ट्रीशीटर चोरों के नाम गुंडा पंजी में दर्ज किये जाएं. इन्हें नियमित संबंधित थाने में हाजिरी भी लगानी पड़ेगी. पुलिस सीसीटीवी फुटेज में कैद बदमाशों के हुलिये व उनकी गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटा रही है. इसके लिए विशेष टीमें बनी हैं. सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए पुलिस रात में रेलवे ट्रैक से सटे गली-मोहल्लों में पैदल गश्त बढ़ायेगी. इन इलाकों में अक्सर चोरी की घटनाएं होती हैं.

थाना स्तर पर मॉनिटरिंग के लिए स्पेशल टीम का गठन किया गया है. यह टीम चोरी की घटनाओं व अपराधियों पर लगातार पैनी नजर रखेगी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगी. सिटी एसपी ने सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए पूरी तरह सक्रिय रहें और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें. 2024 में 650 से अधिक आदतन अपराधी व शराब माफिया का नाम गुंडा पंजी में दर्ज किया गया था. इस साल अबतक 450 से अधिक नाम दर्ज हुए हैं. इनकी प्रत्येक रविवार को थाने पर नियमित हाजिरी लगायी जा रही है.

गुंडा पंजी में किसका नाम दर्ज होता है

गुंडा पंजी पुलिस का अहम रिकॉर्ड है. इसमें उन अपराधियों के नाम दर्ज होता है जो आदतन अपराधी होते हैं या जिनकी आपराधिक गतिविधियां समाज के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं. इसमें मुख्य रूप से इन प्रकार के अपराधियों को शामिल किया जाता है:

-हिस्ट्रीशीटर चोर :

जो बार-बार चोरी की वारदातों में शामिल होते हैं और जिनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज होते हैं.

-आदतन अपराधी व शराब माफिया :

वे लोग जो लूट, डकैती, मारपीट, रंगदारी जैसे विभिन्न अपराधों में लगातार लिप्त रहते हैं.

-गिरोहबाज :

संगठित आपराधिक गिरोहों के सदस्य, जो समाज में अशांति फैलाने व बड़े अपराधों को अंजाम देने में सक्रिय होते हैं.

-शांति भंग करने वाले संदिग्ध:

ऐसे व्यक्ति जिनके खिलाफ बार-बार सार्वजनिक शांति भंग करने या आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की शिकायतें आती हैं. एक बार गुंडा पंजी में नाम दर्ज होने के बाद ऐसे अपराधियों पर पुलिस की विशेष निगरानी रखी जाती है. उन्हें थाने में हाजिरी लगानी पड़ती है.

सदर व अहियापुर में सबसे अधिक चोरी

जिले में सबसे अधिक चोरी की वारदात दो थाना क्षेत्र सदर व अहियापुर में सबसे अधिक हुई है. सदर में बीते दिनों अधिवक्ता के घर से चोरों ने 50 लाख की संपत्ति चोरी कर ली थी. इसके अलावा मिठनपुरा, ब्रह्मपुरा, नगर, काजीमोहम्मदपुर व सिकंदपुर थाना क्षेत्र में भी लगातार गृहभेदन की वारदात को रही है.

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By CHANDAN

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