Gopalganj News : भोरे की किशोरी की हत्या नहीं, पुलिस की 30 घंटे की जांच में निकला सुसाइड

भोरे. भोरे थाना क्षेत्र में 16 वर्षीया किशोरी की हत्याकांड की 30 घंटे की जांच के बाद पुलिस ने सुसाइड करार दिया है. सोमवार को गोपालगंज एसपी अवधेश दीक्षित स्वयं

भोरे. भोरे थाना क्षेत्र में 16 वर्षीया किशोरी की हत्याकांड की 30 घंटे की जांच के बाद पुलिस ने सुसाइड करार दिया है. सोमवार को गोपालगंज एसपी अवधेश दीक्षित स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे और प्राथमिक जांच के बाद एसपी ने कहा कि मामला हत्या नहीं बल्कि सुसाइड का है.

मानसिक तनाव में की आत्महत्या

एसपी ने कहा कि किशोरी एक युवक से प्रेम करती थी और 23 मई की रात वह अपने प्रेमी और उसके दो दोस्तों के साथ हुस्सेपुर स्थित एक पोखरा के पास आयी थी. वहीं पर बातचीत के बाद किशोरी ने आत्मघाती कदम उठा लिया. किशोरी अपने घर वापस लौटने से डर रही थी. उसे आशंका थी कि प्रेम संबंधों के उजागर होने पर परिजन उसे जान से मार सकते हैं. इसी भय और मानसिक तनाव के कारण उसने आत्महत्या कर ली.

किशोरी के कॉल डिटेल्स और चैटिंग से मामला हुआ साफ

पुलिस को मृतका का मोबाइल फोन घटनास्थल से मिला है. उसके कॉल डिटेल्स और चैटिंग से यह साफ हुआ है कि घटना से पहले उसने अपने कुछ दोस्तों को कॉल कर यह कहा था कि “अब जीने का मन नहीं है. ” उसने अपने घरवालों को भी एक मैसेज भेजा था जिसमें उसने खुद को माफ करने की अपील की थी. ये सारे डिजिटल साक्ष्य अब पुलिस के पास हैं, जिससे आत्महत्या की संभावना को बल मिला है. पूछताछ में किशोरी के दोस्तों ने भी पुष्टि की है कि वह पिछले कुछ दिनों से मानसिक रूप से तनाव में थी.

गैंगरेप की आशंका पर मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार

जब उनसे यह पूछा गया कि क्या किशोरी के साथ दुष्कर्म हुआ था, तो एसपी ने स्पष्ट किया कि “इस संबंध में कोई भी टिप्पणी करना अभी जल्दबाजी होगी. पोस्टमार्टम और मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय होगा कि उसके साथ किसी प्रकार का यौनशोषण हुआ था या नहीं. ”

दो आरोपित गिरफ्तार, पुलिस जांच जारी

फिलहाल इस मामले में पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है. मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डाटा, घटनास्थल से जुटाये गये वैज्ञानिक साक्ष्य और मृतका के व्यवहार से जुड़ी पहलुओं को गहराई से खंगाला जा रहा है. एसपी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मामले की जांच निष्पक्ष और वैज्ञानिक तरीके से पूरी की जाये, ताकि सभी तथ्यों की पुष्टि हो सके और कोई निर्दोष न फंसे, लेकिन दोषी भी न बचे.

कॉल डिटेल्स और व्हाट्सएप चैट से सामने आया सचपुलिस ने मृत किशोरी के मोबाइल का कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और व्हाट्सएप चैट खंगाले हैं. पुलिस के मुताबिक इससे यह स्पष्ट हो गया है कि किशोरी और मुख्य आरोपित अमित के बीच पिछले कुछ समय से प्रेम संबंध था. व्हाट्सएप चैट में 23 मई की रात दोनों के लखरांव में मिलने की योजना का उल्लेख है. यही वह स्थान है, जहां बाद में किशोरी का शव पोखर में बरामद हुआ.

————————आरोपित मंटू का बयान, लड़की को लाये, फिर छोड़ दियागिरफ्तार आरोपित मंटू कुमार को पुलिस ने जेल भेज दिया है. पुलिस को उसने बताया कि 23 मई को वह अमित और बिट्टू के साथ एक बाइक पर लड़की को लाने गया था. नहर के पास से उसे लेकर तीनों हुस्सेपुर लौटे और दो घंटे बाद उसे छोड़ दिया. मंटू के बयान ने जांच को और उलझा दिया है.

सोशल मीडिया पर नाराजगी, न्याय की मांगइस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर लोग लगातार प्रतिक्रिया दे रहे हैं. वायरल वीडियो और कथित कबूलनामे ने कई सवाल खड़े कर दिये हैं. लोग पूछ रहे हैं कि शादी समारोह जैसी सार्वजनिक जगह से लड़की का अपहरण कैसे हो गया और दो दिन तक उसका कोई सुराग क्यों नहीं मिला.

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Author: GURUDUTT NATH

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