संवाददाता, पटना श्रीअरविंद महिला कॉलेज के गृह विज्ञान विभाग ने वीवो लाइफ साइंसेज प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से किशोरियों में पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया. इस पहल का उद्देश्य युवा छात्राओं को इस सामान्य हार्मोनल विकार के बारे में शिक्षित करना था, जो उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है. कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए, विभाग की अध्यक्षा प्रो विमी सिंह ने पीसीओएस के बारे में बताया. उन्होंने बताया कि यह एक सामान्य हार्मोनल विकार है, जो किशोरियों और प्रजनन आयु की महिलाओं को प्रभावित करता है और उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी असर डालता है. प्राचार्या प्रो साधना ठाकुर ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम किशोरियों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने पीसीओएस के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला. डॉ प्रमिला मोदी ने पीसीओएस के कारणों जैसे आनुवंशिकता, हार्मोनल असंतुलन और इंसुलिन रेजिस्टेंस पर विस्तृत चर्चा की. उन्होंने इसके शुरुआती लक्षणों को पहचानने के महत्व पर भी जोर दिया. दूसरी वक्ता, डॉ चारू मोदी ने इसके रोकथाम और प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया. उन्होंने संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, सही जीवनशैली और तनाव नियंत्रण के महत्व को समझाया और चिकित्सा परामर्श को अनिवार्य बताया. सत्र के दौरान, एक इंटरैक्टिव चर्चा भी हुई, जिसमें छात्राओं ने स्वास्थ्य, पोषण और आत्म-देखभाल से संबंधित कई प्रश्न पूछे. कार्यक्रम का समापन डॉ रेनू रानी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ. उन्होंने छात्राओं को संदेश दिया कि जागरूकता, शीघ्र पहचान और सकारात्मक जीवनशैली अपनाकर पीसीओएस को नियंत्रित किया जा सकता है. इस कार्यक्रम को सफल बनाने में विभाग की रानी चौधरी और नैंसी कुमारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. इस मौके पर बड़ी संख्या में शिक्षिकाएं और छात्राएं उपस्थित थीं.
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