Giridih News: नवजात दिलाने के नाम पर महिलाओं ने ठगे 90000, हिरासत में लेकर छोड़ा

पुलिस ने तीनों महिलाओं को हिरासत में लेकर पूछताछ की, उसे पैसे दिलवाये और बाद में तीनों को थाने से छोड़ दिया. इन महिलाओं ने अस्पताल के कुछ कर्मियों की मदद से नवजात को दिलाने का भरोसा दिया था. नवजात शिशु के अवैध सौदे से जुड़ा मामला जानकर भी पुलिस ने गंभीरता से कदम नहीं उठाया. इस कार्यशैली से पुलिस पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

पचंबा थाना क्षेत्र के चैताडीह स्थित मातृत्व शिशु अस्पताल से नवजात दिलाने के नाम पर एक महिला से ठगी का मामला सामने आया है. आरोप तीन महिलाओं पर लगा है, जिन्होंने इस कार्य के लिए 90 हजार रुपये लिये. मामले का दिलचस्प पहलू यह है कि पीड़ित महिला की शिकायत पर पचंबा थाना पुलिस ने तीनों महिलाओं को हिरासत में लेकर पूछताछ की, उसे पैसे दिलवाये और बाद में तीनों को थाने से छोड़ दिया. इन महिलाओं ने अस्पताल के कुछ कर्मियों की मदद से नवजात को दिलाने का भरोसा दिया था. नवजात शिशु के अवैध सौदे से जुड़ा मामला जानकर भी पुलिस ने गंभीरता से कदम नहीं उठाया. इस कार्यशैली से पुलिस पर सवाल खड़े हो रहे हैं. जानकारी के अनुसार, शनिवार को एक महिला ने पचंबा थाना में शिकायत की. उसने आरोप लगाया कि तीन महिलाओं ने उसे नवजात को दिलाने का आश्वासन दिया और इसके एवज में 90 हजार रुपये ले लिये. जब काफी समय बीत जाने के बाद भी बच्चे की व्यवस्था नहीं हुई, तो पीड़िता ने खुद को ठगा महसूस किया. उसने पुलिस से न्याय की गुहार लगायी. महिला ने शिकायत में इस बात का उल्लेख किया है कि तीनों महिलाएं अस्पताल के कुछ कर्मियों के सहयोग से इस तरह का काम करती हैं.

पुलिस जांच करती, तो हो सकता था शिशु के सौदे का खुलासा

वेदन मिलने के बाद पचंबा थाना पुलिस ने तीनों महिलाओं को हिरासत में ले लिया. हालांकि पूछताछ करने के बाद उन्हें कुछ ही देर बाद छोड़ दिया गया. मामले में भले ही सीधे तौर पर अस्पताल कर्मियों पर आरोप नहीं लगे हों, लेकिन उनकी मिलीभगत से इंकार नहीं किया जा सकता है. मातृत्व शिशु अस्पताल इससे पूर्व भी विवादों में रहा है. यहां पहले भी लापरवाही और इलाज में अनियमितता जैसे मामले सामने आ चुके हैं. इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिया है.

लिखित शिकायत नहीं मिली है : प्रभारी थानेदार

पचंबा के प्रभारी थानेदार प्रशांत कुमार सिंह ने बताया कि मामला पैसे के लेन-देन से जुड़ा था. शिकायत मिलने पर तीनों महिलाओं को हिरासत में लिया गया था. जांच के क्रम में ठगी की शिकार महिला को उसका पैसा वापस करा दिया गया. शिकायतकर्ता की ओर से कोई और आपत्ति या लिखित शिकायत नहीं मिलने पर तीनों महिलाओं को छोड़ दिया गया.

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Author: MAYANK TIWARI

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