पटना के एक कोचिंग से स्कॉलर का लिंक
एक दर्जन से अधिक संदिग्ध नंबर पाये गयेसंवाददाता, मुजफ्फरपुर एसटीइटी में स्कॉलर बैठाने का तार पटना के एक कोचिंग संस्थान से जुड़ रहा है.पुलिस की पूछताछ में स्कॉलर पटना के रूपसपुर थाना के एमआइजी आरा गार्डेन निवासी रमेश कुमार ने कई खुलासे किए हैं. उसने पुलिस को बताया है कि मधेपुरा के रहनेवाले घनश्याम ने ही परीक्षा में स्कॉलर बैठाने की सेटिंग की थी. वह पटना में ही एक कोचिंग में रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करता है. उसने परीक्षार्थी मधेपुरा के सदर थाना के दीवानी टोला साहुगढ़ के रहने वाले परीक्षार्थी कुमार सानू से 15 हजार रुपये पहले लिया था. डेढ़ लाख रुपये में डील हुई थी. पुलिस को स्कॉलर रमेश ने यह भी जानकारी दी है कि उनके ग्रुप में कई लड़के हैं, जो रुपये लेकर दूसरे परीक्षार्थी की जगह परीक्षा में शामिल होते हैं. हालांकि, उनके नाम-पते के बारे में पूरी जानकारी पुलिस को नहीं दी है. पुलिस उसके मोबाइल की जांच कर रही है. इसमें 13 संदिग्ध नंबर मिले हैं, जिसपर कई बार बातचीत हुई थी. पुलिस उस नंबर का सीडीआर निकाल कर आगे की कार्रवाई करेगी.
स्कॉलर व परीक्षार्थी गये जेलइधर, कच्ची- पक्की चौक स्थित डिजिटल परीक्षा सेंटर से गिरफ्तार स्कॉलर रमेश कुमार व ऑरिजनल परीक्षार्थी सानू कुमार को पुलिस ने कोर्ट में प्रस्तुत किया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. थानेदार अस्मित कुमार ने बताया है कि मधेपुरा के घनश्याम ने ही स्कॉलर को हायर किया था. उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रहे हैं.
दूसरे को परीक्षा हॉल में बैठाया
सदर थाना क्षेत्र के कच्ची-पक्की स्थित एक डिजिटल परीक्षा सेंटर पर मंगलवार को एसटीइटी की परीक्षा आयोजित थी. परीक्षा सेंटर के अंदर एक ही एडमिट कार्ड व आधार कार्ड लेकर दो अभ्यर्थी दाखिल हुआ. एडमिट कार्ड की जांच के दौरान ही दोनों अभ्यर्थी संदेह के घेरे में आ गये. ओरिजिनल अभ्यर्थी पहले ही अपना बायोमेट्रिक जांच कराने के बाद परीक्षा सेंटर से बाहर निकल कर भागना चाहा, लेकिन, पुलिस के जवानों ने पकड़ लिया. जब उनसे पूछताछ की गयी तो वह बताया कि अपनी जगह परीक्षा हॉल में स्कॉलर को बैठाया है. फिर, दोनों को पकड़ कर सदर थाने की पुलिस को बुलाकर सौंप दिया था.
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