दूसरे प्रत्याशी का प्रचार-प्रसार करने वाले डमी उम्मीदवार पर होगी कार्रवाई

खगड़िया. लोकसभा चुनाव के दौरान अधिकारी वैसे उम्मीदवार पर भी नजर बनाए हुए हैं, जो नामांकन के परचे तो चुनाव लड़ने के लिए कराते हैं. लेकिन चुनाव के प्रचार-प्रसार से

खगड़िया. लोकसभा चुनाव के दौरान अधिकारी वैसे उम्मीदवार पर भी नजर बनाए हुए हैं, जो नामांकन के परचे तो चुनाव लड़ने के लिए कराते हैं. लेकिन चुनाव के प्रचार-प्रसार से लेकर मतदान व मतगणना के दिन तक वे दूसरे प्रत्याशी के इशारे पर नाचते हैं. यानी उनके लिए काम करते हैं. बताया जाता है कि निर्वाचन आयोग ने ऐसे डमी उम्मीदवार पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिये हैं. सूत्र बताते है कि चुनाव तैयारी के साथ-साथ चुनाव संपन्न कराने में जुटे प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारी वैसे प्रत्याशी पर भी नजर बनाए हुए हैं. ऐसा करते पकड़े जाने वाले डमी उम्मीदवार पर कड़ी कार्रवाई होगी. गौरतलब है कि चुनाव जीतने के प्रत्याशी हर प्रकार के तिकरम अपनाते हैं. धन, बल, छल का प्रयोग भी करते हैं. इतना ही नहीं खुद का प्रचार-प्रसार करने के साथ-साथ चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी अपने विरोधी को नुकसान पहुंचाने के लिए कभी-कभी डमी उम्मीदवार भी खड़ा कर देते हैं. प्रायः डमी उम्मीदवार को जातीय गणित के हिसाब से उतारा जाता है. ताकि विपक्षी उम्मीदवार के जातीय समीकरण के खेल को बिगाड़ा जा सके. मालूम हो कि चुनाव में प्रत्याशियों के खर्च करने की सीमा निर्धारित की गई है. पंचायत चुनाव हो या फिर विधानसभा या लोकसभा के चुनाव. हरेक चुनाव में अधिकतम खर्च की सीमा के भीतर ही उम्मीदवार रुपये खर्च कर सकता है. चुनाव अवधी के साथ-साथ अंत में प्रत्याशियों के पूर्ण खर्च का हिसाव-किताब होता है. जानकार बताते हैं कि राजनीति के मंझे खिलाड़ी तो चुनाव के दौरान आयोग की नजर से खुद को बचाते हुए अपने खरचे पर अपने करीबी को भी चुनाव में उतार देते हैं. ताकि उनके माध्यम से अपना चुनाव प्रचार-प्रसार करा सकें. सभी तो यही जानते हैं कि यह ये (डमी उम्मीदवार) खुद चुनाव लड़ रहे हैं. लेकिन परदे के पीछे ये अपने आका को जीत दिलाने के लिए चुनावी मैदान में दौड़ लगाते हैं. इधर पूछे जाने पर एसडीओ सह अलौली विधानसभा क्षेत्र के सहायक निर्वाची पदाधिकारी अमित अनुराग ने बताया कि किसी प्रत्याशी द्वारा दूसरे किसी प्रत्याशी का प्रचार करना, चुनाव- प्रचार के लिए अनुमति ली गयी. वाहन का इस्तेमाल दूसरे प्रत्याशी के प्रचार के लिए करना या फिर मतदान व मतगणना के दिन दूसरे प्रत्याशी को फायदा पहुंचाने के लिए कार्य करना बिल्कुल गलत होगा. ऐसा करते पाए जाने वाले प्रत्याशियों पर कार्रवाई सहित उनके वाहन के लाइसेंस रद्द की जाएगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >