तीन साल बाद भी अधूरा बलुआ धार पुल, ग्रामीणों में बढ़ता आक्रोश

मामला न्यायालय पहुंच गया और तब से निर्माण कार्य रुका हुआ है.

– जमीन विवाद में फंसी 4.12 करोड़ की योजना, दो स्पैन बनकर काम ठप

– बलुआ धार पुल अधूरा, बरसात में बढ़ेगी लोगों की मुश्किल

– विकास कार्यों पर ब्रेक, तीन साल से अधर में पुल निर्माण

उदाकिशुनगंज

अनुमंडल क्षेत्र में उदाकिशुनगंज एवं ग्वालपाड़ा प्रखंड को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क पर बलुआ धार में प्रस्तावित पुल का निर्माण कार्य निर्धारित समय के तीन साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है. इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी एवं आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से पुल निर्माण की मांग की जा रही थी, लेकिन अब जब निर्माण शुरू हुआ तो वह भी अधूरा रह गया.

जानकारी के अनुसार ग्वालपाड़ा के श्याम चौक से उदाकिशुनगंज पथ पर श्याम गांव वार्ड संख्या 11 (राम मंदिर टोला) के पास 81.20 मीटर लंबे उच्च स्तरीय पुल का निर्माण प्रस्तावित था. इसके साथ ही 200 मीटर लंबी अप्रोच सड़क भी बनाई जानी थी. इस परियोजना की कुल प्राक्कलित लागत 4 करोड़ 12 लाख 46 हजार 752 रुपये निर्धारित की गई थी. जबकि पांच वर्षों के अनुरक्षण के लिए 3 लाख 13 हजार 594 रुपये का प्रावधान रखा गया था. निर्माण कार्य का जिम्मा मेसर्स ओम साईं इंजिकोन्स, सहरसा को सौंपा गया था. कार्य स्थल पर लगे बोर्ड के अनुसार योजना की शुरुआत 7 मार्च 2022 को हुई थी और इसे 6 मार्च 2023 तक पूरा किया जाना था. लेकिन तय समय सीमा बीतने के तीन साल बाद भी निर्माण अधूरा है. वर्तमान में केवल दो स्पैन का ही निर्माण हो सका है और काम पूरी तरह से ठप पड़ा है.

– जमीन विवाद बना बाधा –

ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2022 में निर्माण के दौरान कुछ लोगों ने निजी जमीन पर पुल निर्माण का आरोप लगाते हुये मुआवजा नहीं मिलने की बात कही, जिसके बाद विवाद उत्पन्न हो गया. मामला न्यायालय पहुंच गया और तब से निर्माण कार्य रुका हुआ है. पुल के निर्माण से उदाकिशुनगंज प्रखंड के बराही आनंदपुरा पंचायत के बिषहरिया गांव तथा ग्वालपाड़ा प्रखंड के श्याम, खोखसी समेत कई गांवों के लोगों को सीधा लाभ मिलता. यह पुल दोनों प्रखंडों के बीच संपर्क का अहम जरिया बनता. बिषहरिया गांव के ग्रामीणों ने बताया कि उनकी खेती की जमीन नदी के पार है. खासकर बरसात के मौसम में आवागमन बेहद कठिन हो जाता है. पुल बनने से उनकी परेशानी काफी हद तक कम हो जाती.

-कहते हैं अधिकारी –

ग्रामीण कार्य विभाग कार्य प्रमंडल उदाकिशुनगंज के कार्यपालक अभियंता भरत भूषण भारती ने बताया कि जमीन विवाद के कारण मामला न्यायालय में लंबित है, जिससे निर्माण कार्य बाधित हुआ है. उन्होंने कहा कि योजना को एसआईए में भेजा गया है एवं जल्द ही भू-अर्जन की प्रक्रिया शुरू की जायेगी. मुआवजा प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य पुनः शुरू कराया जायेगा.

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By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

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