अनुपस्थिति के बावजूद पुराने स्कूल से सैलरी की जारी

प्रधान शिक्षकों के वेतन भुगतान में की बड़ी गड़बड़ीवरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर बीपीएससी से नियुक्त प्राथमिक स्कूलों के प्रधान शिक्षकों व उत्क्रमित माध्यमिक स्कूलों के प्रधानाध्यापकों के जुलाई के वेतन

प्रधान शिक्षकों के वेतन भुगतान में की बड़ी गड़बड़ी

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

बीपीएससी से नियुक्त प्राथमिक स्कूलों के प्रधान शिक्षकों व उत्क्रमित माध्यमिक स्कूलों के प्रधानाध्यापकों के जुलाई के वेतन भुगतान में गंभीर गड़बड़ी सामने आई है. 21 जुलाई को नये स्कूलों में पदस्थापन होने के बावजूद, शिक्षा विभाग के स्थापना कार्यालय ने स्थानांतरित शिक्षकों को उनके पुराने विद्यालय की अनुपस्थिति विवरणी के आधार पर ही वेतन जारी कर दिया. चौंकाने वाली बात यह है कि जिन शिक्षकों ने पुराने स्कूल से विरमित होकर नये पद पर योगदान दे दिया था, उन्हें भी पूर्व के विद्यालय से अनुपस्थित मानते हुए वेतन का भुगतान कर दिया गया. यह गड़बड़ी सामने आने के बाद जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) कार्यालय में हड़कंप है और अब आनन-फानन में भुगतान की गयी राशि वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है.

ऑनलाइन सिस्टम में भी तालमेल की कमी

वेतन भुगतान व पदस्थापन की प्रक्रिया एचआरएमएस पर ऑनलाइन होने के बावजूद यह बड़ी चूक है. शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शिक्षकों के विरमन व नये स्कूल में योगदान की जानकारी ऑनलाइन सिस्टम में सही समय पर नहीं आने के कारण यह त्रुटि हुई है. जिला शिक्षा पदाधिकारी कुमार अरविंद सिन्हा ने स्पष्ट किया कि जिन शिक्षकों को त्रुटिपूर्ण ढंग से वेतन मिला है, उन्हें कोषागार में चालान के माध्यम से यह राशि वापस जमा करनी होगी. राशि जमा होने के बाद ही संबंधित शिक्षकों के एचआरएमएस पर कन्वर्जन की प्रक्रिया पूरी होगी और नये पद के अनुसार उनका सही वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जायेगा. इस पूरी घटना ने विभाग के आंतरिक समन्वय व ऑनलाइन डेटा प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: LALITANSOO

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >