बिरनी प्रखंड के जनता जरीडीह में जमीनी विवाद को लेकर शनिवार को दो पक्ष आमने सामने हो गए. बिरनी थाना प्रभारी आकाश भारद्वाज, सीओ संदीप मधेसिया व बीडीओ फनिश्वर रजवार की सतर्कता से अप्रिय घटना होने से बच गई. इस दौरान गिरिडीह के पचंबा से आये तीन असामाजिक तत्वों को पकड़कर बिरनी पुलिस थाना ले आयी और उनसे बांड भरवाकर छोड़ दिया. घटना बीते शनिवार की बताई जा रही है. एक पक्ष के युगल यादव ने बिरनी थाना में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगायी है. युगल यादव ने बताया कि मौजा बेडगरो में 3 एकड़ जमीन मेरे दादा निरपत महतो के नाम से जमाबंदी दर्ज है. साथ ही उक्त जमीन पर मेरे पूर्वजों के काल से ही दखल दावा कर खेती समेत अन्य कार्य किया जाता रहा है. बीते शनिवार को गांव के ही रामकिशोर वर्मा, दशरथ महतो, शंकर महतो, गणेश महतो, सीताराम वर्मा समेत उसके परिवार के सैकड़ों की संख्या में लोग लाठी, डंडा व अन्य हथियार से लैस होकर बाइक, बोलेरो आदि के साथ जमीन पर पहुंचे और जमीन पर कब्जा करने का काम शुरू कर दिया. जब हमलोग मना करने के लिए गए, तो बाहर से आये असामाजिक तत्व के लोगों ने काम में व्यवधान नहीं पैदा करने व जान मारने की धमकी दी, जिससे हमलोग डर गए. इतनी संख्या में पहुंचे बाहरी लोगों को देखकर ग्रामीण अचंभित हो गए.
लोगों ने प्रशासन को दी सूचना, ध्यान नहीं देने पर केंद्रीय मंत्री तक पहुंचायी बात
इसके बाद लोगों ने इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन को दी, लेकिन इसे गंभीरतर से नहीं लिया गया. उसके बाद इसकी सूचना कोडरमा की सांसद सह मंत्री अन्नपूर्णा देवी को दी गयी. सांसद ने इसकी सूचना गिरिडीह को उपायुक्त को दी. तब उपायुक्त के आदेश के बाद अधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर लोगों को खदेड़ा, तब जाकर मामला शांत हुआ. सीओ ने दोनों पक्षों से कहा कि जब तक जमीन संबंधित निर्णय नहीं आता है तब तक उक्त जमीन पर कोई काम नहीं करेगा. इस दौरान सीओ ने 3 बाहरी लोगों को पकडकर बिरनी थानां प्रभारी को सौंप दिया. थाना प्रभारी ने कहा कि पकड़े गये लोग गिरिडीह के पचंबा के रहनेवाले थे. कहा कि प्रथम पक्ष से मिल आवेदन के आधार पर विधि सम्मत कार्यवाई की जा रही है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
