Immunity Boosting Kadha: मॉनसून में इम्यूनिटी मजबूत करेंगे ये 3 ट्रेडिशनल काढ़े, डॉक्टर के चक्कर होंगे कम और बीमारियां रहेंगी दूर

Immunity Boosting Kadha: बारिश के मौसम में खुद को फिट और हेल्दी रखना चाहते हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए ही है. इसमें हम आपको कुछ ऐसे आसान और ट्रेडिशनल आयुर्वेदिक काढ़ों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें आप घर पर ही तैयार कर सकते हैं.

Immunity Boosting Kadha: बारिश के इस मौसम में हमें गर्मी से तो राहत मिल जाती है, लेकिन इसमें बीमारियों का खतरा भी काफी ज्यादा बढ़ जाता है. मॉनसून के दौरान हवा में मॉइस्चर बढ़ने की वजह से वायरस और बैक्टीरिया काफी तेजी से पनपने लगते हैं. इस वजह से अगर हम अपनी सेहत का ख्याल सही से नहीं रखते हैं, तो हमारे बीमार होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. बारिश के इस मौसम में सर्दी, खांसी, जुकाम और गले में खराश जैसी प्रॉब्लम्स होना काफी आम बात है, क्योंकि इस दौरान हमारे शरीर का इम्यून सिस्टम काफी कमजोर हो चुका होता है. अगर आप बारिश के इन दिनों में खुद को बीमारियों से बचाकर रखना चाहते हैं, तो आज का यह आर्टिकल आपके काम का है. आज हम आपको कुछ ऐसे ट्रेडिशनल आयुर्वेदिक काढ़ा के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपकी इम्युनिटी को बूस्ट करने में मदद करेंगे और आपको बीमारियों से भी बचाकर रखने का काम करेंगे. इस आर्टिकल में बताए गए हर एक काढ़ा को आप किचन में मौजूद मसालों और जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल करके आसानी से घर पर ही तैयार कर सकते हैं. ये सभी मसाले और जड़ी-बूटियां बिल्कुल एक नेचुरल दवा की तरह काम करती हैं और बिना किसी साइड इफेक्ट के आपके शरीर को अंदर से स्ट्रॉन्ग भी बनाती हैं.

traditional kadha for monsoon


काढ़ा क्या है और यह शरीर के लिए क्यों जरूरी है?

काढ़ा और कुछ नहीं, बल्कि पानी में उबाली गई जड़ी-बूटियों और मसालों का रस होता है. जब हम तुलसी, अदरक, काली मिर्च और दालचीनी जैसी चीजों को पानी में धीमी आंच पर उबालते हैं, तो इन सभी चीजों की ताकत और अच्छाई पानी में पूरी तरह घुल जाती है. यह शरीर के अंदर जमे हुए कफ यानी कि बलगम को बाहर निकालता है, हमारे पेट को ठीक रखता है और शरीर को अंदर से गर्माहट देता है, जिससे हमें बीमारियों और वायरस से लड़ने की ताकत मिलती है.

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तुलसी और अदरक का ट्रेडिशनल काढ़ा

बारिश के इन दिनों में सबसे आसान और असरदार घरेलू उपाय है तुलसी और अदरक का काढ़ा. इस काढ़ा को घर पर बनाना बहुत ही सिंपल है इसे बनाने के लिए सबसे पहले दो कप पानी लें और फिर उसमें दस से बारह तुलसी के पत्ते, एक छोटा टुकड़ा कुचला हुआ अदरक और तीन-चार कुटी हुई काली मिर्च डालकर गैस पर उबलने के लिए रख दें. इसे तब तक उबलने दें जब तक कि पानी आधा न हो जाए. इसके बाद इसे कप में छान लें और जब यह हल्का गुनगुना हो जाए, तो इसमें थोड़ा सा शहद या गुड़ मिलाकर चाय की तरह धीरे-धीरे पिएं. तुलसी और अदरक में बीमारियों से लड़ने की ताकत होती है, जिससे गले का दर्द और सूखी खांसी तुरंत ठीक हो जाती है.

दालचीनी और लौंग का दमदार कॉम्बिनेशन

अगर बारिश के मौसम में आपको बहुत ज्यादा छींक आ रही हों या आपकी नाक लगातार बह रही है, तो दालचीनी और लौंग का यह काढ़ा आपके लिए बहुत ही ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है. इसे बनाने के लिए सबसे पहले दो कप पानी में दालचीनी का एक छोटा टुकड़ा, दो से तीन लौंग और आधा चम्मच अजवाइन डालकर करीब दस मिनट तक अच्छी तरह उबालें. जब यह अच्छी तरह से उबल जाए, तो गैस बंद करने से ठीक पहले इसमें एक चुटकी हल्दी पाउडर मिला दें. अब इसे छान लें और हल्का गर्म ही पिएं. हल्दी और दालचीनी का यह पावरफुल कॉम्बिनेशन सर्दी, जुकाम और शरीर की जकड़न को जड़ से खत्म कर देता है.

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गिलोय और हल्दी का अचूक उपाय

इसके अलावा गिलोय और हल्दी का काढ़ा भी बहुत कमाल का असर दिखाता है, क्योंकि आयुर्वेद में गिलोय को 'अमृता' कहा गया है, जिसका मतलब होता है बहुत फायदेमंद जड़ी-बूटी. इस काढ़ा को बनाने के लिए सबसे पहले गिलोय की डंडी का एक छोटा टुकड़ा लेकर उसे अच्छे से कूट लें और फिर उसे पानी में डाल दें. इसके साथ में आधा चम्मच हल्दी और चार-पांच पुदीने के पत्ते मिलाकर इसे अच्छे से उबालें. जब पानी उबलते-उबलते आधा हो जाए, तो इसे छान लें. पीने में यह थोड़ा कड़वा लग सकता है, इसलिए आप इसमें थोड़ा सा सेंधा नमक या मिश्री मिला सकते हैं. यह काढ़ा हमारे खून को साफ रखता है और बारिश में होने वाले किसी भी तरह के बुखार को चुटकियों में ठीक कर देता है.

काढ़ा पीते समय इन बातों का रखें खास ख्याल

काढ़ा हमारी सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है, लेकिन इसे सही तरीके से पीना भी बहुत जरूरी है. चूंकि काढ़े में इस्तेमाल होने वाली चीजें गर्म होती हैं, इसलिए दिन में सिर्फ एक या दो बार आधा कप काढ़ा ही पीना चाहिए. बहुत ज्यादा काढ़ा पीने से पेट में जलन या गर्मी हो सकती है. इसके साथ ही एक बात का खास ध्यान रखें कि उबलते हुए गर्म काढ़े में कभी भी शहद न डालें, बल्कि काढ़े को छानकर जब वह थोड़ा ठंडा हो जाए, तभी शहद मिलाएं. इस बारिश के मौसम में बिना बात के अंग्रेजी दवाइयां खाने के बजाय अपनी रसोई की इन जादुई चीजों को अपनाएं और अपने पूरे परिवार को फिट और हेल्दी रखें.

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By Saurabh Poddar

सौरभ पोद्दार एक लाइफस्टाइल जर्नलिस्ट हैं और पिछले 4 सालों से डिजिटल मीडिया में एक्टिव हैं. उन्होंने रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है. फिलहाल, सौरभ 'प्रभात खबर' के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहे हैं. सौरभ को उन टॉपिक्स पर लिखना सबसे ज्यादा पसंद है, जो हमारी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े हैं. उनके आर्टिकल्स में आपको हेल्थ, फिटनेस, स्किन-हेयर केयर, पेरेंटिंग, हेल्दी रेसिपीज, घरेलू नुस्खे, रिलेशनशिप और वास्तु शास्त्र जैसी उपयोगी जानकारियां मिलेंगी. फिटनेस और अच्छी सेहत सौरभ की निजी जिंदगी का भी अहम हिस्सा हैं. वे जिन विषयों पर लिखते हैं, उन्हें अपनी रूटीन में फॉलो भी करते हैं. उनका मानना है कि जब आप किसी चीज को खुद एक्सपीरियंस करते हैं, तभी दूसरों तक सही और प्रैक्टिकल जानकारी पहुंचा सकते हैं. उनकी हमेशा यही कोशिश रहती है कि वे ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर बिल्कुल आसान और आम बोलचाल की हिंदी में लिखें, ताकि हर पाठक उसे आसानी से समझ सके. यही वजह है कि उनके लिखे आर्टिकल्स काफी एंगेजिंग और SEO-फ्रेंडली होते हैं.

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