Cancer Risk Reduction: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हमारा ज्यादातर समय बैठे-बैठे ही गुजर जाता है. ऑफिस में घंटों कुर्सी पर बैठना, घर पर मोबाइल चलाना और छोटी दूरी के लिए भी गाड़ी का इस्तेमाल करना अब आम हो गया है. लेकिन शरीर को लगातार कम एक्टिव रखना सेहत के लिए परेशानी बढ़ा सकता है. इसी बीच एक नई स्टडी ने रोजाना की छोटी-छोटी फिजिकल एक्टिविटी को लेकर उम्मीद जगाई है. बीएमसी मेडिसिन में प्रकाशित इस रिसर्च में करीब 60,000 लोगों के डेटा का अध्ययन किया गया. इसमें यह समझने की कोशिश की गई कि रोजमर्रा की छोटी लेकिन तेज फिजिकल एक्टिविटी का कैंसर के जोखिम से क्या संबंध है.
सिर्फ 3 मिनट की तेज एक्टिविटी पर भी ध्यान
स्टडी के मुताबिक, रोजाना थोड़ी देर की एक्टिविटी, जैसे सीढ़ियां चढ़ना-उतरना, तेज चलना या कुछ मिनट जॉगिंग करना, शरीर को एक्टिव रखने में मदद कर सकता है. रिसर्च में ऐसी एक्टिविटीज और तेरह तरह के कैंसर के कम जोखिम के बीच संबंध देखा गया. यहां खास बात यह है कि इसके लिए घंटों जिम में पसीना बहाना ही जरूरी नहीं बताया गया. रोजमर्रा के कामों के बीच छोटे-छोटे एक्टिव ब्रेक भी शरीर की एक्टिवनेस बढ़ाने में मदद कर सकते हैं.
15 मिनट की वॉक भी हो सकती है काम की
रिसर्च में यह भी देखा गया कि करीब पंद्रह मिनट की वॉक या हल्की शारीरिक गतिविधि भी फायदेमंद हो सकती है. वहीं तेज चलना, सीढ़ियां चढ़ना या जॉगिंग जैसी एक्टिविटी शरीर को और ज्यादा मूवमेंट देती हैं. हालांकि, यह समझना जरूरी है कि स्टडी केवल फिजिकल एक्टिविटी और कैंसर के जोखिम के बीच संबंध दिखाती है. इसका मतलब यह नहीं है कि सिर्फ तीन मिनट की जॉगिंग कैंसर से बचने की गारंटी देती है. इसलिए लंबे समय तक बैठे रहने के बजाय दिन में छोटे-छोटे ब्रेक लें, थोड़ा चलें, सीढ़ियों का इस्तेमाल करें और अपनी क्षमता के अनुसार नियमित एक्सरसाइज को रूटीन का हिस्सा बनाएं. साथ ही बैलेंस्ड खान-पान और नियमित स्वास्थ्य जांच पर भी ध्यान देना जरूरी है.
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