Jaya Kishori: जया शर्मा ने ऐसे तय किया जया किशोरी बनने तक का सफर, जानें कितनी है फीस?

Jaya Kishori : मात्र 10 साल की उम्र में जया किशोरी ने सम्पूर्ण सुन्दरकाण्ड गाकर लाखों लोगों के दिलों में खास जगह बना ली. तब से शुरू यह सफर आज तक जारी है. जानें जया शर्मा से कैसे जया किशोरी बनीं राजस्थान की एक आम लड़की.

Jaya Kishori : बचपन से ही जया शर्मा का मन कृष्ण भक्ति में लग गया था और इसकी वजह थी इनके घर का भक्तिमय माहौल. इनका पूरा परिवार खाटू श्याम जी का भक्त है. 25 वर्षीया जया किशोरी का असली नाम जया शर्मा हैं, इनका जन्म 13 जुलाई 1995 को राजस्थान के सुजानगढ़ में एक गौड़ ब्राह्मण परिवार में हुआ. पिता का नाम शिव शंकर शर्मा और माता का नाम सोनिया शर्मा है. इनकी एक छोटी बहन चेतना शर्मा हैं.

 कृष्ण भक्ति देख गुरु ने दी थी किशोरी जी की उपाधि

जया किशोरी के गुरू पं. श्री गोविन्दरामजी मिश्र ने इनके भगवान श्री कृष्ण के प्रति प्रेम को देखते हुए इनको “किशोरी जी” की उपाधि दी थी. खाटू श्यामजी में अथाह विश्वास के कारण ही वे हर साल राजस्थान में अपने पूरे परिवार के साथ खाटूश्यामजी के मंदिर जरूर जाती हैं.

कोलकाता से पूरी की पढ़ाई

जया किशोरी का पूरा परिवार कोलकाता में रहता है. इनकी स्कूली पढाई कोलकाता के श्री शिक्षा शियान कॉलेज और महादेवी बिड़ला वर्ल्ड एकेडमी से पूरी हुई. इसके बाद ओपन स्कूल से इन्होनें बी.कॉम पूरा किया. जया किशोरी जब सिर्फ 7 साल की थीं तब इन्होंने कोलकाता में आयोजित वसंत उत्सव में गाना गाया था. 9 साल की थीं तब ही उन्होंने संस्कृत में लिंगाष्टकम्, मधुराष्टकम्, श्रीरुद्राष्टकम्, शिव-तांडव स्तोत्रम्, रामाष्टकम्, दारिद्रय दहन शिव स्तोत्रम्, शिवपंचाक्षर स्तोत्रम् समेत कई स्तोत्रों को गाकर हजारों श्रोताओं को प्रभावित किया था.

एक कथा के लिए लेती हैं इतनी फीस

जया किशोरी एक कथा वाचक और भजन गायिका के रूप में जानी जाती हैं. कथाओं द्वारा आने वाले फीस का एक बड़ा हिस्सा वे दिव्यांग और अपंग लोगों के लिए अस्पताल चलाने वाली एक संस्था को दान देती हैं. इसके अलावा गरीबों की आर्थिक मदद भी करती हैं. बता दें कि एक कथा के लिए जया किशोरी करीब 10 लाख रुपये तक फीस लेती हैं. इसमें से आधा पैसा एडवांस देना होता है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इनकी सालाना आय 2 करोड़ रुपए है.

मधुर वाणी से मोह लेती हैं मन

बता दें कि जिस उम्र में लड़कियां घूमना-फिरना, सजना-संवरा पसंद करती हैं उस उम्र में जया किशोरी ने अपना मन भगवान की भक्ति में लगाया. इनका मानना है कि भगवान की भक्ति से ही जीवन को सही दिशा मिल सकती है. बेहद सादा जीवन जीने में भरोसा करने वाली जया किशोरी अपनी कथा के माध्यम से अत्यंत सरल और मधुर वाणाी से आज के युवाओं को बुजुर्गों और माता-पिता का सम्मान करने के लिए प्रेरित करती हैं. साधु तथा सन्यासियों का आदर करना, सामाजिक मर्यादाओं का पालन करने पर जोर देती हैं.

सोशल मीडिया पर हैं मिलियन्स में फॉलोवर

जया किशोरी से भजन, वाचन सोशल मीडिया पर आसानी से देखे सुने जा सकते हैं. बता दें कि उनके ऑफिसियल यूट्यूब चैनल पर 1.29 मिलियन सबस्क्राइबर हो चुके हैं जबकि इंस्टाग्राम पर उन्हें 2.7 मिलियन लोग फॉलो करते हैं. फेसबुक पेज पर उनके 8.2 मिलियन फॉलोवर हैं. इसी साल जया किशोरी को आईकोनिक गोल्ड अवार्ड 2021 मिला है.

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लेखक के बारे में

By Anita Tanvi

Senior journalist, senior Content Writer, more than 10 years of experience in print and digital media working on Life & Style, Education, Religion and Health beat.

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