भारत में हर साल 15 सितंबर का दिन मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया के जन्मदिन पर इंजीनियर डे सेलिब्रेट किया जाता है. उनके द्वारा इंजीनियरिंग के क्षेत्र में दिए गए योगदान को लेकर ये सेलिब्रेट किया जाता है. ऐसा माना जाता है कि इंजीनियरिंग की पढ़ाई काफी कठिन होती है, लेकिन एक फेक्ट ये भी है कि हर साल पूरे विश्व में सबसे ज्यादा इंजीनियर्स हमारे देश से ही पास आउट होते हैं. इंजीनियरिंग की पढ़ाई मुश्किल है या कितनी आसान ये तो सिर्फ एक इंजीनियर ही बता सकता है, लेकिन सोशल मीडिया की पर आए दिन इंजीनियरिंग और उसके छात्रों को लेकर तरह तरह के जोक्स बनते रहते हैं, जिन्हें पढ़ आप भी खुद को हंसने से नहीं रोक पाएंगे. इंजीनियर्स डे के मौके पर आइए देखते हैं कुछ ऐसे ही फनी मीम्स और जोक्स, जिन्हें पढ़ आप हंस कर लोट-पोट हो जाएंगे.
Happy Engineers Day 2020 Memes: इंजीनियरिंग कर लो, इसमें बहुत स्कोप है . . .
https://twitter.com/nk_clickz/status/1040871907833376769
Happy Engineers Day 2020 Memes: Software engineer work from home
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विश्वेश्वरैया एक अनुकरणीय व्यक्ति हैं
कई मीम्स और मजाक के के बावजूद यकीन है कि सभी इस बात के बिलकुल नाकर नहीं सकते कि श्री विश्वेश्वरैया एक अनुकरणीय व्यक्ति हैं, उनके जन्मदिन पर उन्हें सलाम करने के लिए ढेर सारे इंजीनियर एक साथ खड़े हैं.
Engineers: Waiting For Job
भारत की बुनियादी अधोसंरचना में विश्वेश्वरैया जी की भूमिका है अहम
भारत की बुनियादी अधोसंरचना में आदरणीय विश्वेश्वरैया जी की भूमिका उल्लेखनीय रही है. उनके कार्यों को समर्पित इंजीनियरिंग दिवस, देश के युवा अभियंताओं को सदैव प्रेरणा प्रदान करता है.
Happy Engineers Day 2020 Memes
इंजीनियर्स के सम्मान के लिए मनाया जाता है ”इंजीनियर्स डे”
जिस तरह से पूरी दुनिया में डॉक्टर्स डे, टीचर्स डे या मदर्स डे मनाया जाता है ठीक उसी तरह से इंजीनियर्स को सम्मान देने के लिये यह विशेष दिन मनाया जाता है.
Happy Engineers Day 2020 Memes :फर्स्ट ईयर स्टूडेंट तके लिए मीम्स
एम विश्वेश्वरैया का जन्म मैसूर (कर्नाटक) के कोलार जिले में 15 सितंबर, 1861 को हुआ था
इंजीनियर्स को सम्मान देने के लिये यह विशेष दिन मनाया जाता है. हर साल इंजीनियर्स डे एम विश्वेश्वरैया जी के जन्म दिवस पर मनाया जाता है. एक सिविल इंजीनियर और राजनेता, विश्वेश्वरैया का जन्म मैसूर (कर्नाटक) के कोलार जिले के चिक्काबल्लापुर तालुक में 15 सितंबर, 1861 को हुआ था.
