कौन थे चंद्रनाथ रथ, जिनकी हत्या से दहल गया बंगाल, कभी बनना चाहते थे संन्यासी

Who was Chandranath Rath: शुभेंदु अधिकारी के मारे गये पीए चंद्रनाथ रथ का जीवन बेहद रोचक रहा. वायुसेना में काम कर चुके चंद्रनाथ ने रामकृष्ण मिशन से शिक्षा ली थी. जानें कैसे वे शुभेंदु के सबसे खास सहयोगी बने और उनके मर्डर के पीछे क्या बड़ी वजह हो सकती है.

Who was Chandranath Rath: पश्चिम बंगाल की राजनीति में चंद्रनाथ रथ महज एक नाम नहीं, बल्कि भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के सबसे भरोसेमंद सिपहसालार थे. बुधवार रात मध्यमग्राम में उनकी नृशंस हत्या ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि शुभेंदु अधिकारी के इस साये के पीछे एक अनुशासित फौजी और एक आध्यात्मिक व्यक्तित्व छिपा था? भारतीय वायुसेना (IAF) में देश की सेवा करने से लेकर बंगाल की सत्ता के गलियारों तक, चंद्रनाथ का सफर किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं रहा.

रामकृष्ण मिशन की शिक्षा और संन्यासी बनने का विचार

42 वर्षीय चंद्रनाथ रथ का व्यक्तित्व बहुत ही शांत और गंभीर था. उन्होंने अपनी शिक्षा राहारा रामकृष्ण मिशन से पूरी की थी. छात्र जीवन में वे स्वामी विवेकानंद के आदर्शों से इतने प्रभावित थे कि उन्होंने एक बार आध्यात्मिक जीवन अपनाने और संन्यासी बनने का मन बना लिया था.

वायुसेना में शामिल होकर की देश की सेवा

भले ही वे संन्यासी नहीं बने, लेकिन सेवा का जज्बा उन्हें भारतीय वायुसेना ले गया. उन्होंने लगभग दो दशक तक नीली वर्दी पहनकर देश की रक्षा की. वायुसेना से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेने के बाद उन्होंने कुछ समय कॉर्पोरेट सेक्टर में भी बिताया.

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शुभेंदु अधिकारी से 2 दशक पुराना रिश्ता

चंद्रनाथ मूल रूप से पूर्वी मेदिनीपुर जिले के चंडीपुर के रहने वाले थे. चंडीपुर शुभेंदु अधिकारी का गढ़ माना जाता है. अधिकारी परिवार और रथ परिवार का रिश्ता 20 साल से भी ज्यादा पुराना है. दिलचस्प बात यह है कि शुभेंदु की तरह चंद्रनाथ का परिवार भी पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) में था. उनकी मां हासी रथ टीएमसी शासन में पंचायत सदस्य थीं.

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शुभेंदु के साथ भाजपा में आ गये चंद्रनाथ

वर्ष 2020 में जब शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी का साथ छोड़कर भाजपा का दामन थामा, तो चंद्रनाथ और उनके परिवार ने भी शुभेंदु के प्रति अपनी वफादारी निभाते हुए कमल थाम लिया.

नंदीग्राम के भूमि पुत्र के ‘चाणक्य’ और बैकस्टेज हीरो

चंद्रनाथ रथ लाइमलाइट से दूर रहना पसंद करते थे. लेकिन पर्दे के पीछे वे शुभेंदु के सबसे बड़े रणनीतिकार थे. वर्ष 2019 में जब शुभेंदु ममता सरकार में मंत्री थे, तब चंद्रनाथ औपचारिक रूप से उनकी टीम में शामिल हुए. मंत्री के प्रशासनिक कार्यों से लेकर चुनावी प्रबंधन तक, सब कुछ चंद्रनाथ के कंधों पर था.

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Who was Chandranath Rath: भवानीपुर और नंदीग्राम के रणनीतिकार

बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भवानीपुर जैसी हाई-प्रोफाइल सीट पर भाजपा के चुनाव प्रचार और सांगठनिक समन्वय में उनकी भूमिका बेहद अहम थी. वे कार्यकर्ताओं और शुभेंदु के बीच एक मजबूत कड़ी थे. शुभेंदु अधिकारी उन पर इतना विश्वास करते थे कि अपनी सुरक्षा से लेकर निजी और राजनीतिक फैसलों तक में उनकी राय लेते थे. सीधे शब्दों में कहें, तो भरोसे का दूसरा नाम थे चंद्रनाथ.

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राजनीतिक रंजिश का शिकार हुए चंद्रनाथ रथ

बुधवार रात करीब 10:30 बजे मध्यमग्राम के दोहरिया में मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उनके इसी भरोसे और साये को हमेशा के लिए खत्म कर दिया. एक अनुशासित पूर्व फौजी, जिसने सालों तक देश की सरहदों पर मौत को मात दी, वह अपने ही राज्य की सड़कों पर राजनीतिक रंजिश का शिकार हो गया. चंद्रनाथ की कमी शुभेंदु अधिकारी को तो खलेगी ही, बंगाल भाजपा ने भी अपना एक शांत और कुशल संगठनकर्ता खो दिया.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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