भगदड़ में फंसने के बाद इन बातों का रखें ध्यान, नहीं जाएगी जान

How to Survive a Stampede : यदि आप कभी भगदड़ में फंस जाते हैं तो घबराएं नहीं. कुछ टिप्स हैं जिसकी मदद से आप अपने करे सुरक्षित रख सकते हैं.

2 जुलाई को यूपी के हाथरस में भगदड़ मची. इसमें 121 लोगों की जान चली गई. इससे पहले भी कई बार इस तरह की खबर आ चुकी है कि भगदड़ मचने की वजह से लोगों की जान चली गई है. तो सवाल उठता है कि यदि ऐसा सिचुएशन किसी के सामने आए तो क्या करना चाहिए ? इस बीच एक वीडियो सामने आया है जिसमें बताया गया है कि यदि कोई भगदड़ में फंस जाता है तो उसे क्या करने की जरूरत है.

वीडियो में बताया गया है कि यदि भीड़ कभी धक्का देती है तो आपके कदम आगे की ओर स्वत: बढ़ते हैं. इसके बाद आप जमीन पर गिर सकते हैं. यदि ऐसा कभी हो तो दोनों पैर को फैलाकर खुद को बैलेंस करें. इसके बाद हाथ को कोहनी से मोड़कर छाती के पास ले लाना चाहिए. इससे हार्ट और लंग्स को सुरक्षा मिलेगी.

इसके बाद भी यदि कोई जमीन पर गिर जाते हैं वो भी सीधे… तो क्या करना चाहिए? ऐसे सिचुएशन में लोग एक के ऊपर एक करके गिरेंगे. इससे चेस्ट पर प्रेशर पड़ेगा और आपके हार्ट और लंग्स को नुकसान पहुंचेगा. सांस लेने में काफी दिक्कत होगी. इससे जान जाने का खतरा होगा. तो यदि ऐसा सिचुएशन आए तो बाईं ओर करवट ले लेना चाहिए. साथ ही घुटनों को मोड़ लेना चाहिए.

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यदि भगदड़ में आप गिरें तो खुद को ऐसा कंट्रोल करके रखें कि भीड़ की दिशा में लंबवत आपका शरीर हो. सारी बातों को समझने के लिए देखें ये पूरा वीडियो

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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