च्युइंगम और कोल्ड ड्रिंक में इस्तेमाल स्वीट्नर बना सकता है कैंसर का मरीज, जानिए WHO की क्या है फाइंडिंग

1981 में JECFA की ओर से कहा गया था कि एक सीमा के भीतर रोज यदि एस्पार्टेम का सेवन किया जाता है तो यह आपके लिए सुरक्षित हो सकता है. जानें च्युइंगम और कोल्ड ड्रिंक में इस्तेमाल स्वीट्नर कितना है खतरनाक

एक ऐसा रिसर्च सामने आया है जो लोगों को चिंता में डाल सकता है. दरअसल, चीनी को सेहत के लिए हानिकारक समझकर कुछ लोग इसका सेवन करने से बचते नजर आते हैं, लेकिन आर्टिफिशियल स्वीटनर का वे इस्तेमाल करते हैं. यदि आप भी ऐसे लोगों की श्रेणी में आते हैं तो ये खबर आपको जरूर पढ़नी चाहिए. जी हां…आर्टिफिशियल स्वीटनर का कुछ लोग उपयोग करते हैं और वो भी ये सोचकर कि यह सिर्फ स्वाद के लिए है, इससे शरीर को कोई नुकसान नहीं पहुंचता. लेकिन वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन यानी WHO के रिसर्च में आर्टिफिशियल स्वीटनर को लेकर चौंकाने वाली बात सामने आयी है जिसे अंग्रेजी वेबसाइट इंडियन एक्सप्रेस ने प्रकाशित की है.

खबर के अनुसार WHO की रिसर्च में दुनिया के सबसे आम आर्टिफिशियल स्वीटनर में से एक एस्पार्टेम (Aspartame) के कैसरजन होने की बात सामने आयी है. यानी यदि आप इसका सेवन करते हैं तो आपको कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है. एस्पार्टेम का इस्तेमाल कोका-कोला के डायट सोडा से लेकर मार्स एक्स्ट्रा च्यूइंग गम और कुछ अन्य ड्रिंक्स में कंपनियां करतीं हैं. हालांकि अभी यह नहीं बताया गया है कि एस्पार्टेम युक्त कितने उत्पाद का एक इंसान सुरक्षित रूप से इस्तेमाल कर सकता है.

एस्पार्टेम के सेवन पर सुझाव

यदि उपरोक्त बातें पढ़कर आप ये जानने के लिए उत्सुक हैं कि इसका कितना सेवन करना चाहिए तो आपको बता दें कि यह सुक्षाव राष्ट्रीय नियामकों के निर्धारण के साथ-साथ खाद्य योजकों पर एक अलग WHO विशेषज्ञ समिति द्वारा दिया जाता है. सेवन करने का सुझाव JECFA (Joint WHO and Food and Agriculture Organization’s Expert Committee on Food Additives) देता है. 1981 में JECFA की ओर से कहा गया था कि एक सीमा के भीतर रोज यदि एस्पार्टेम का सेवन किया जाता है तो यह आपके लिए सुरक्षित हो सकता है.

यहां चर्चा कर दें कि एस्पार्टेम का व्यापक अध्ययन किया गया है. पिछले साल फ्रांस में 100,000 लोगों के बीच स्टडी की गयी जिससे यह बात सामने आयी कि जो लोग बड़ी मात्रा में आर्टिफिशियल स्वीटनर (जिसमें एस्पार्टेम भी शामिल है) का सेवन करते हैं उनमें कैंसर का खतरा थोड़ा ज्यादा पाया गया है.

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By Amitabh kumar

अमिताभ कुमार प्रभात खबर डिजिटल में Sr. Content writer हैं. पिछले 15 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं.

अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.

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