Chocolate Benefits: नुकसान ही नहीं, फायदे भी देता है चॉकलेट खाना, जानें

Chocolate Benefits: चॉकलेट को कुछ लोगों के लिए दवा माना जा सकता है, तो कुछ के लिए यह जहर भी हो सकती है.

Chocolate Benefits: ईस्टर एग्स को दिसंबर के अंत में सुपरमार्केट में पहली बार आते देखना हालांकि मुझे हमेशा थोड़ा खुश कर देता है, लेकिन ऐसे कुछ लोग हैं जो हर साल थोड़ी सी चॉकलेट पाकर खुश नहीं होते हैं. यह समझ में आता है कि अधिकांश उत्पादों में वसा और चीनी की मात्रा अधिक होने के कारण बहुत अधिक चॉकलेट आपके लिए हानिकारक होगी. लेकिन हमें उन सामान्य दावों के बारे में क्या कहना चाहिए कि कुछ चॉकलेट खाना वास्तव में आपके लिए अच्छा है? ख़ुशी की बात है कि ऐसे पर्याप्त सबूत हैं जो दिखाते हैं कि सही परिस्थितियों में चॉकलेट आपके दिल के लिए फायदेमंद और आपकी मानसिक स्थिति के लिए अच्छी हो सकती है. वास्तव में, चॉकलेट – या अधिक विशेष रूप से कहें तो कोको, कच्ची, अपरिष्कृत बीन – एक औषधीय आश्चर्य है. इसमें कई अलग-अलग सक्रिय यौगिक होते हैं जो शरीर के भीतर दवाओं या दवाओं जैसे औषधीय प्रभाव पैदा कर सकते हैं.

मस्तिष्क में न्यूरोलॉजिकल प्रभाव पैदा करने वाले कंपाउंड्स को रक्त-मस्तिष्क बाधा को पार करने में सक्षम होना चाहिए. यह एक ऐसा सुरक्षा कवच है, जो विषाक्त पदार्थों और बैक्टीरिया जैसे हानिकारक पदार्थों को नाजुक तंत्रिका ऊतक में प्रवेश करने से रोकता है. इनमें से एक यौगिक थियोब्रोमाइन है, जो चाय में भी पाया जाता है और इसके कड़वे स्वाद में योगदान देता है. चाय और चॉकलेट में भी कैफीन होता है, जो रसायनों के प्यूरीन परिवार के हिस्से के रूप में थियोब्रोमाइन से संबंधित है. ये रसायन, दूसरों के बीच, चॉकलेट की लत लगाने वाली प्रकृति में योगदान करते हैं. उनमें रक्त-मस्तिष्क बाधा को पार करने की क्षमता होती है, जहां वे तंत्रिका तंत्र को प्रभावित कर सकते हैं. इसलिए इन्हें साइकोएक्टिव रसायन के रूप में जाना जाता है.

चॉकलेट का मूड पर क्या प्रभाव पड़ सकता है?

खैर, एक व्यवस्थित समीक्षा में अध्ययनों के एक समूह को देखा गया जिसमें चॉकलेट के सेवन से जुड़ी भावनाओं और संवेदनाओं की जांच की गई. अधिकांश लोगों ने मनोदशा, चिंता, ऊर्जा और उत्तेजना की स्थिति में सुधार प्रदर्शित किया. कुछ लोगों ने अपराधबोध की भावना पर ध्यान दिया, जो शायद एक ऐसी चीज़ है जिसे हम सभी ने एक से अधिक डेयरी मिल्क खाने के बाद महसूस किया है.

Also Read: Weight Loss Tips: चने की मदद से निकला हुआ पेट करें कम, यहां जानें तरीका

कोको के हेल्थ बेनिफिट्स

मस्तिष्क के अलावा अन्य अंग भी हैं, जो कोको के औषधीय प्रभावों से लाभान्वित हो सकते हैं. सदियों से, एनीमिया, तपेदिक, गठिया और यहां तक ​​कि कम कामेच्छा सहित बीमारियों की एक लंबी सूची के इलाज के लिए चॉकलेट का उपयोग दवा के रूप में किया जाता रहा है. ये झूठे दावे हो सकते हैं लेकिन इस बात के सबूत हैं कि कोको खाने से हृदय प्रणाली पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. सबसे पहले, यह एंडोथेलियल डिसफंक्शन को रोक सकता है. यह वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से धमनियां सख्त हो जाती हैं और फैटी प्लाक से भर जाती हैं, जो आगे चलकर दिल के दौरे और स्ट्रोक का कारण बन सकती हैं. डार्क चॉकलेट खाने से रक्तचाप भी कम हो सकता है, जो धमनी रोग विकसित होने का एक और जोखिम कारक है, और रक्त वाहिकाओं को अवरुद्ध करने वाले थक्कों के गठन को रोकता है।

कुछ अध्ययनों से पता चला है कि डार्क चॉकलेट उच्च घनत्व वाले लिपोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल के अनुपात को समायोजित करने में उपयोगी हो सकती है, जो हृदय की रक्षा करने में मदद कर सकती है। अन्य लोगों ने इंसुलिन प्रतिरोध, टाइप 2 मधुमेह और वजन बढ़ने से जुड़ी घटना की जांच की है. उनका सुझाव है कि पौधों में मौजूद पॉलीफेनोल्स – चॉकलेट जैसे खाद्य पदार्थों में पाए जाने वाले रासायनिक यौगिक भी रक्त शर्करा के बेहतर नियंत्रण का कारण बन सकते हैं.

Also Read: Nightmares: आपको भी रात में अगर आते हैं बुरे सपने, तो जान लीजिए इसकी वजह

चॉकलेट विषाक्तता

चॉकलेट को कुछ लोगों के लिए दवा माना जा सकता है, तो कुछ के लिए यह जहर भी हो सकती है. यह अच्छी तरह से प्रलेखित है कि कैफीन और थियोब्रोमाइन का अंतर्ग्रहण घरेलू पशुओं के लिए अत्यधिक विषैला होता है. कुत्ते विशेष रूप से अपनी अत्यधिक भूख और आम तौर पर बेचैन स्वभाव के कारण प्रभावित होते हैं. दोष अक्सर डार्क चॉकलेट का होता है, जो उत्तेजना, कठोर मांसपेशियों और यहां तक ​​​​कि दौरे के लक्षण पैदा कर सकता है. कुछ मामलों में, यदि ज्यादा मात्रा में इसका सेवन किया जाए, तो यह कोमा और दिल की धड़कन असामान्य होने का कारण बन सकता है। चॉकलेट में पाए जाने वाले कुछ यौगिकों का मनुष्यों पर संभावित नकारात्मक प्रभाव भी पाया गया है. चॉकलेट ऑक्सालेट का एक स्रोत है जो कैल्शियम के साथ गुर्दे की पथरी के मुख्य घटकों में से एक है.

कुछ क्लीनिकल ग्रुप्स ने उन लोगों को, जो गुर्दे की पथरी से पीड़ित हैं, ऑक्सालेट युक्त खाद्य पदार्थ, जैसे कि पालक और रूबर्ब – और चॉकलेट का सेवन न करने की सलाह दी है. तो, इन सबका हमारी चॉकलेट खाने की आदतों पर क्या असर होना चाहिए? विज्ञान उस चॉकलेट की दिशा में इशारा करता है जिसमें कोको ठोस सामग्री यथासंभव अधिक हो. चॉकलेट के संभावित हानिकारक प्रभाव वसा और चीनी से अधिक संबंधित हैं, और किसी भी संभावित लाभ का प्रतिकार कर सकते हैं. 70 प्रतिशत से अधिक ठोस कोको वाली 20 ग्राम से 30 ग्राम सादे या डार्क चॉकलेट की दैनिक खुराक – दूध चॉकलेट के बजाय, जिसमें कम ठोस पदार्थ होते हैं और सफेद चॉकलेट, जिसमें होते ही नहीं हैं – अधिक स्वास्थ्य लाभ पहुंचा सकता है. लेकिन आप जो भी चॉकलेट खरीदें, कृपया उसे कुत्ते के साथ शेयर न करें.

Also Read: Worm Moon: क्या है वॉर्म मून का रहस्य? जानें

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Agency

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >