Ambulance को हिंदी में क्या कहते हैं? क्या आपको पता है कितने प्रकार के होते हैं एम्बुलेंस

What Is Ambulance called in hindi: एंबुलेंस वह वाहन होता है, जिसमें मरीजों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाया जाता है. एंबुलेंस (Ambulance) को हिंदी में 'रोगी वाहन' और 'अस्पताल वाहन' कहा जाता है.

What Is Ambulance called in hindi: अधिकतर लोग आम बोलचाल में अंग्रेजी के तमाम ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, जिनकी हिंदी बहुत से लोग नहीं जानते. आपने अस्पतालों के बाहर एंबुलेंस (Ambulance) देखी होंगी. कई ऐसे अंग्रेजी शब्दों को हिंदी भाषी क्षेत्रों में इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन क्या आप इस शब्द को हिंदी में क्या कहते हैं, जानते हैं? अगर नहीं तो आज आपको अंग्रेजी के इन शब्दों की हिंदी के बारे में बताने जा रहे हैं.

क्या है Ambulance की हिंदी?

एंबुलेंस वह वाहन होता है, जिसमें मरीजों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाया जाता है. एंबुलेंस (Ambulance) को हिंदी में ‘रोगी वाहन’ और ‘अस्पताल वाहन’ कहा जाता है. एंबुलेंस एक ऐसा शब्द है, जिसकी हिंदी तमाम लोग नहीं जानते.

एम्बुलेंस के प्रकार (Types of Ambulance)

अगर हम बात करें एंबुलेंस के प्रकार के बारे में तो एंबुलेंस ज्यादातर एंबुलेंस ट्रक, कार, वैन, कार्गो वैन या फिर मोटरसाइकिल होती है.

108 एम्बुलेंस जानकारी

यह 108 आपातकालीन सेवा है जो स्वास्थ्य, पुलिस और अग्निरोध की स्थिति में उपलब्ध करवाया जाता है यह एक आपातकालीन सेवा है जो की 24 X 7 के आधार पर सेवा उपलब्ध कराती है. यह 108 आपातकालीन सेवा भारत के आँध्र प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, तामिलनाडु, गोवा, कर्नाटक, राजस्थान, मध्य प्रदेश, मेघालय और असम जैसे राज्य में उपलब्ध कराया जाता है. यह आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा 24 X 7 तक उपलब्ध आपातकालीन सेवा है. आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा को आप कभी भी ले सकते हैं.

102 एम्बुलेंस जानकारी

दोस्तो हम आपको यह बता दें कि एम्बुलेंस सेवा 102 गर्भवती महिला को हॉस्पिटल से ले जाने और ले आने के लिए उपयोग किया जाता है इसके अलावा 102 एम्बुलेंस सेवा का प्रयोग किया जाता है जब कोई महिला और शिशु एक हॉस्पिटल को छोड़कर दूसरे हॉस्पिटल में एडमिट होने वाले हैं महिला 102 एंबुलेंस सेवा का प्रयोग किया जाता है इसके अलावा इस सेवा में 1 साल तक के बच्चों को घर से हॉस्पिटल ले जाने और हॉस्पिटल से घर छोड़ा जाता है.

एंबुलेंस में उल्टा क्यों लिखा होता है?

दोस्तों यदि आप एंबुलेंस देखे हैं तो आपने कभी ना कभी इस बात पर गौर किया होगा कि एम्बुलेंस गाड़ियों में आगे की तरफ AMBULANCE उल्टा लिखा जाता है यदि आपको नहीं पता है कि एम्बुलेंस गाड़ियों मे AMBULANCE उल्टा क्यों लिखा जाता है तो हम आपको बता दें कि एम्बुलेंस मे AMBULANCE उल्टा इसलिए लिखा जाता है ताकि सामने वाले वाहन के ड्राइवर को सही तरह से पता चले कि सामने वाली गाड़ी एंबुलेंस आ रही है और वह एंबुलेंस को आगे निकलने के लिए साइड दे सके. तो इसी कारण से एंबुलेंस गाड़ियों में उल्टा एंबुलेंस लिखा जाता है.

एम्बुलेंस का उपयोग होता है (uses of ambulance)

  • Ambulance एक वाहन होती है जो मरीज और रोगियों (patient) को अस्पताल ले जाने के लिए उपयोग की जाती है.

  • एंबुलेंस की मदद से मरीजों को जल्दी से जल्दी अस्पताल ले जाया जा सकता है.

  • ज्यादातर एंबुलेंस उजला और पीला कलर की होती है.

  • ज्यादातर एंबुलेंस ट्रक, वैन, कार्गो वैन या फिर मोटरसाइकिल होती है.

  • कुछ आपातकाल परिस्थितियों में हवाई जहाज और हेलीकॉप्टर को एंबुलेंस के रूप में इस्तेमाल किया जाता है.

Ambulance कैसे लिखा जाता है.

एंबुलेंस को आमतौर पर गाड़ियों पर उल्टा लिखा जाता है ताकि सामने वाले वाहन के ड्राइवर ambulance सीधा और स्पष्ट दिखाई दे सके.

Ambulance में नाम उल्टा क्यों लिखा होता है?

Ambulance में नाम उल्टा इसलिए लिखा जाता है क्योंकि जब आप किसी भी गाड़ी के कांच से पीछे चल रही कोई भी गाड़ियों को देखते हैं तो उन गाड़ियों पर लिखे गए कोई भी शब्द आपको उल्टे दिखाई देते हैं. इसी के कारण से Ambulance गाड़ियों पर नाम उल्टा लिखा जाता है ताकि सामने वाले वहां को सही और स्पष्ट ना दिखाई दे सके.

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लेखक के बारे में

Author: Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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