Health Tips:- हजारों बीमारियों का एक इलाज है नीम का पत्ता

नीम के पत्तों में मौजूद कई महत्वपूर्ण गुणों की वजह से प्राचीन काल से लेकर इस 21वीं सदी तक इसकी अहमियत बरकरार है. आज भी हमारे बड़े बुजुर्ग और गांव में लोग नीम के टहनियों से दातुन करते दिख जाएंगे. नीम के पत्तों का नियमित इस्तेमाल हमारे पूरे शरीर को स्वस्थ रखने में लाभकारी होता है.

हम सभी ने बचपन से लेकर अब तक कभी ना कभी नीम के पत्ते चबाने के बारे में जरूर विचार किया होगा क्योंकि बचपन से हम लोग बड़े बुजुर्गों के मुंह से नीम के पत्तों का बखान सुना है. आज भी हमारे बड़े बुजुर्ग और गांव में लोग नीम के टहनियों से दातुन करते दिख जाएंगे. हमारे प्राचीन आयुर्वेद में भी नीम को अति महत्वपूर्ण औषधीय पौधे के रूप में जाना जाता है. जिसका उपयोग कई शारीरिक कष्टों को दूर करने और शरीर को निरोग रखने में किया जाता है. आपको बता दें की नीम के पत्तों में एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फ़ंगल, एंटी-वायरल, और एंटी-ऑक्सीडेंट होने के साथ इसमें विटामिन ई, एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन सी और लिमोनोइड्स,कैल्शियम, फॉस्फोरस, पोटैशियम जैसे पोषक तत्व भी होते हैं. आई नीम के पत्ते की कुछ हैरान कर देने वाले गुणों के बारे में जानते हैं.

फंगल इन्फेक्शन में रामबाण

नीम में एंटीफंगल और एंटीबैक्‍टीर‍ियल गुण होते हैं. शरीर के किसी हिस्से पर इंफेक्शन होने पर नीम के पत्तों का पेस्ट बनाकर लगाया जा सकता है. पानी में नीम के पत्ते डालकर उबालने और ठंडा होने पर उसी पानी से स्नान करने से फंगल इन्फेक्शन से राहत मिल सकता है. नीम के पत्तों में मौजूद एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण इंफेक्शन वाले जगह पर मौजूद बैक्टीरिया और फंगस को खत्म कर देता है. नीम का तेल भी इन्फेक्शन खत्म करने में कारगर होगा.

मुंहासे का खात्मा करता है नीम पत्ता

अगर आप अपने चेहरे पर कील ,मुंहासे और एक्ने जैसी समस्याओं से परेशान है तो आज से नीम के पत्ते इस्तेमाल करना शुरू कर दीजिए इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण चेहरे पर पिंपल्स और मुंहासे उत्पन्न करने वाले बैक्टीरिया को खत्म करने में सक्षम होते हैं. नीम के पत्तों में एंटीऑक्सीडेंट गुण होता है जो चेहरे के दाग धब्बे और एजिंग को कंट्रोल करता है.इसके लिए आप नीम के पेस्ट को चेहरे पर लगा सकते हैं. पानी में नीम के पत्तों को उबालकर ठंडा होने पर उसी पानी से चेहरे को धोने से भी लाभ मिलेगा .

सुंदर स्वस्थ त्वचा और बालों के लिए

अगर आप स्किन के एजिंग या बालों के टूटने से परेशान है या आप स्वस्थ, ग्लोइंग स्किन और स्वस्थ, मजबूत ,घने काले बालों के लिए कोई आयुर्वेदिक और प्राकृतिक निदान चाहते हैं तो नीम के पत्तों से बेहतर कोई और विकल्प नहीं हो सकता है. नीम में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फ़ंगल, एंटी-इंफ़्लेमेटरी, और एंटीऑक्सीडेंट गुण ही स्वस्थ त्वचा के साथ बालों के स्वास्थ्य केलिए जरूरी होता है. नीम में मौजूद विटामिन ई एंटी एजिंग एजेंट के रूप में काम करता है वही नीम के पत्ते खुजली , डैंड्रफ को जड़ से खत्म करता है. जिससे बालों की ग्रोथ अच्छी होती है.

शरीर के टॉक्सिन को साफ करता है नीम का पत्ता

नीम में मौजूद एंटीऑक्सिडेंटल और एंटीबैक्टीरियल गुण हमारे शरीर के भीतर मौजूद टॉक्सिंस को खत्म करता है. नीम के पत्तों का नियमित सेवन हमारे खून को साफ करता है. अगर हमारा शरीर डिटॉक्सिफाई होगा और हमारा ब्लड साफ रहेगा तो इससे बीमारियां होने का खतरा कम हो जाता है.

डायबिटीज करता है कंट्रोल

नीम के पत्तों को चबाना डायबिटीज में राहत दे सकता है. नीम हमारे शरीर के भीतर जाकर पैनक्रियाज को उत्तेजित करता है जिससे कि इंसुलिन का उत्पादन होता है. यह शरीर को डिटॉक्सिफाई रखता है जिससे कि शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल नहीं बन पाता है और डायबिटीज के रोगियों को बहुत लाभ मिल पाता है. इसलिए नीम के पत्तों को चबाने की आदत डालें.

घाव को भरने में सहायक

नीम के पत्तों में एंटीसेप्टिक गुण होते हैं जिससे कि शरीर के किसी हिस्से में अगर घाव है तो इसका इस्तेमाल घाव को भरने में मदद करता है.

लीवर के लिए लाभकारी

नीम के पत्तों में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण हमारे शरीर को डिटॉक्सिफाई करता है और ब्लड को प्यूरिफाई करता है यानी शरीर से टॉक्सिन को निकालता है. पत्तों के इन कार्यों के कारण लीवर स्वस्थ रहता है.

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By Rishu kumar upadheyay

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