मन की बात में पीएम मोदी ने देशवासियों को दिए फिटनेस मंत्रा, मेंटल हेल्थ को बताई सेहत की नींव

संडे की पीएम मोदी की मन की बात में लाइफस्टाइल की भरपूर चर्चा हुई. इसमें सेलेब्स ने भी अपने एक्सपिरिएंसेज साझा किए. मोदी ने बताया कि फिजिकल हेल्थ के साथ मेंटल हेल्थ भी कितना जरूरी है. इस दिशा में काम कर रहे कोच और ट्रेनर्स की भी उन्होंने तारीफ की. साथ ही कुछ स्टार्टअप्स की गतिविधियों को बताया.

पीएम नरेंद्र मोदी ने मन की बात के 108वें संस्करण में देश की वर्ष भर की उपलब्धियों की बात की. उन्होंने कहा कि 108वां संस्करण काफी खास है. इसकी वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि माला में 108 मनके, 108 बार जप, 108 दिव्य क्षेत्र, मंदिरों में 108 सीढ़ियां, 108 घंटियां, 108 का ये अंक असीम आस्था से जुड़ा हुआ है. उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ के 108 संस्करण में हमने जनभागीदारी के कितने ही उदाहरण देखे हैं और उनसे प्रेरणा पाई है. यह संस्करण फिजिकल और मेंटल हेल्थ पर फोकस्ड रहा. मन की बात में पीएम मोदी ने कुछ ऐसे स्टार्टअप्स का भी जिक्र किया जो फिट इंडिया के सपने को साकार करने की दिशा में अच्छा काम कर रहे हैं. उन्होंने सराहना करते हुए बताया कि मुंबई का इनफी हील और योर दोस्त जैसे स्टार्टअप्स मेंटल हेल्थ को लेकर अच्छा काम कर रहे हैं. मेंटल हेल्थ और वेल बीइंग के क्षेत्र में इस तरह की पहल को उन्होंने देश की युवाओं के लिए बेहतरीन पहल बताया और साथ ही फिजिकल और मेंटल हेल्थ के मामले में कुछ नामचीन लोगों के एक्सपीरियंस भी उन्होंने साझा किया.

पीएम मोदी ने इस क्षेत्र से जुड़े कुछ कोचेज और ट्रेनर्स की डिमांड बढ़ने की भी बात बताई. और उन्होंने कहा कि ‘JOGO टेक्नोलॉजी’ जैसे स्टार्टअप्स इस मांग को देशवासियों के लिए पूरा कर रहे हैं. यह युवाओं के लिए अच्छी बात है. पीएम मोदी ने 2023 को इंटरनेशनल ईयर आफ मिलेट्स के रूप में मनाए जाने की चर्चा करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में काम करने वाले स्टार्टअप्स को बहुत सारे अवसर मिले हैं. मोदी ने लखनऊ और प्रयागराज के स्टार्टअप्स की चर्चा की और उनके योगदानों को सराहा.

माइंड फिटनेस पर फोकस

सद्गुरु जग्गी वासुदेव मन की बात में सबसे पहले जुड़े. आंतरिक मानसिक स्वास्थ्य स्थिति के लिए काम करना या अपने भीतर एक समभाव रसायन शास्त्र के लिए काम करना, शांति, आनंद, परमानंद का रसायन कुछ ऐसा है जिसे हर व्यक्ति के जीवन में, समाज के सांस्कृतिक जीवन में और दुनिया भर के राष्ट्रों में लाना होगा. संपूर्ण मानवता बहुत महत्वपूर्ण है. हमारे लिए अपने मानसिक स्वास्थ्य को समझना जरूरी है. हमें इसकी रक्षा करनी चाहिए और इसका पोषण करना चाहिए

हरमनप्रीत कौर का फिटनेस मंत्रा

जानी-मानी Cricket खिलाड़ी हरमनप्रीत कौर ने मन की बात में पूरे देश से अपने फिटनेस का मंत्र शेयर किया. कौर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के fit India की पहल मुझे अपने फिटनेस मंत्र को आप सभी के साथ share करने के लिए प्रोत्साहित किया है. आप हमेशा ‘one cannot out-train a bad diet’ को याद रखें. इसका अर्थ ये है कि आप कब खाते हो और क्या खाते हो इसके बारे में आपको बहुत सावधान रहना होगा. हाल ही में पीएम ने सभी को बाजरा खाने के लिए प्रेरित किया था जो कि इम्यूनिटी बढ़ाता है और टिकाऊ खेती करने में सहायता करता है. नियमित व्यायाम और 7 घंटे की पूरी नींद body के लिए बहुत जरूरी है और फिट रहने के लिए मददगार है.

मेंटल हेल्थ का महत्व

फेमस चेस के खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद भी रविवार की मन की बात में शामिल हुए. इसके दौरान उन्होंने अपना रूटीन शेयर किया और देशवासियों से मेंटल हेल्थ का महत्व साझा किया. आनंद ने अपना रूटीन बताते हुए कहा कि मेंटल हेल्थ सही होगा तभी आप फोकस कर पाएगें. आनंद ने बताया कि वह हफ्ते में 2 बार योगा, 2 बार कार्डियो और अलग-अलग एक्सरसाइज करते हैं. उन्होंने कहा कि सही वक्त पर सोना और उठना और अपने दिमाग को तंदरूस्त रखना फिटनेस के लिए सबसे जरूरी है.

शॉर्टकट से हो सकता है जीवन शॉर्ट

चेस खिलाड़ी विश्वानथन आनंद के बाद फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार मन की बात से जुड़े. उन्होंने देशवासियों से अपनी फिटनेस के लिए अपने शरीर के हिसाब से काम करने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि आप डॉक्टर्स की सलाह से अपनी जीवनशैली बदले ना कि किसी फिल्म स्टार की बॉडी देखकर. अभिनेता पर्दे पर जैसे दिखते हैं, वैसे तो कई बार होते भी नहीं हैं. कई तरह के फिल्टर और इफेक्टस का इस्तेमाल होता है और हम उसे देखकर अपने शरीर को बदलने के लिए गलत तरीके से शॉर्टकट का इस्तेमाल करना शुरू कर देते हैं. याद रखिए कि शॉर्टकट से आपका जीवन शॉर्ट हो सकता है. आपको शॉर्टकट नहीं लांग लास्टिंग फिटनेस चाहिए. फिटनेस एक तरह की तपस्या हैं, इंस्टैंट कॉफी या दो मिनट का नूडल्स नहीं हैं. इस साल कसरत, योग, अच्छा खाना, वक्त पर सोना, मेडिटेशन और खुद को खुशा से एक्सेप्ट करना है.

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तगड़ा रहो स्टार्टअप के ऑनर ऋषभ मल्होत्रा ने मन की बात में कहा कि हमारा start-up भारत के पारंपरिक व्यायाम को आगे लाने के लिए बनाया गया है. भारत के पारंपरिक व्यायाम में एक बहुत ही अद्भुत व्यायाम है जो है ‘गदा व्यायाम’ और हमारा पूरा फोकस गदा और मुग्दर व्यायाम पर ही है. गदा व्यायाम हजारों साल पुराना व्यायाम है और ये हजारों सालों से भारत में चलता आ रहा है। आपने इसे छोटे बड़े अखाड़ों में देखा होगा और हमारे start-up के माध्यम से हम इसे एक आधुनिक तरीके से वापस लेकर आए हैं. भारत में बहुत से ऐसे प्राचीन व्यायाम हैं,जो हमें अपनाना चाहिए और दुनिया में आगे भी सिखाना चाहिए. गदा व्यायाम से आप अपना बल, अपनी ताकत, अपना पोश्चर और अपनी सांस संबंधित बीमारी को भी ठीक कर सकते हैं.

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Author: Neha Singh

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