पाकिस्तान के व्यक्ति का जयपुर में हुआ टीएवीआई से इलाज, मिला जीवनदान, जानें क्या है ये प्रक्रिया

पाकिस्तान के एक 65 वर्षीय व्यक्ति को जयपुर में टीएवीआई प्रक्रिया से गुजरने के बाद नया जीवन मिला है. इस प्रक्रिया के ठीक पांच दिन बाद ही मरीज पाकिस्तान स्थित अपने घर वापस चला गया था.

पाकिस्तान के एक 65 वर्षीय व्यक्ति को जयपुर में ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वॉल्व इम्प्लांटेशन (टीएवीआई) प्रक्रिया से गुजरने के बाद नया जीवन मिला है. दूसरे अन्य अस्पतालों के डॉक्टरों ने एक साल से भी कम समय में उसकी दूसरी ओपन-हार्ट सर्जरी करने से इनकार कर दिया था.

राजस्थान के आरएचएल हार्ट सेंटर के अध्यक्ष के चीफ इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. रवींद्र सिंह राव जो नॉन-सर्जिकल माइट्रल वाल्व रिपेयर के लिए टीएवीआर, मिट्राक्लिप के विशेषज्ञ हैं, द्वारा की गई प्रक्रिया के ठीक पांच दिन बाद ही मरीज पाकिस्तान स्थित अपने घर वापस चला गया था.

वाल्व की गतिशीलता और कार्य को प्रभावित कर सकता है

एक पाकिस्तानी मरीज का उपचार करने के बाद, डॉ. राव ने कहा, “इस प्रकार की वाल्वुलर बीमारी बहुत दुर्लभ है और इसका उपचार करना मुश्किल है क्योंकि इस तरह से क्षतिग्रस्त वाल्व में जब कोई भी उपकरण प्रत्यारोपित किया जाता है तो वह वाल्व की गतिशीलता और कार्य को प्रभावित कर सकता है. इसलिए, हमने प्रक्रिया को बहुत सावधानी से किया और यह सफल रहा. मुझे बहुत खुशी है कि हमने पड़ोसी देश के एक वरिष्ठ नागरिक को जीवनदान दिया है.”

चिकित्सा जटिलताओं का जोखिम कम होता है

मिनिमली इनवेसिव प्रक्रियाओं और उनकी प्रभावकारिता के फायदों के बारे में बताते हुए, डॉ राव ने कहा, “ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वाल्व इम्प्लांटेशन (टीएवीआई), ट्रांसकैथेटर माइट्रल वाल्व रिप्लेसमेंट (टीएमवीआर) और रिपेयर प्रोसीजर्स (मित्राक्लिप) वाल्वुलर हृदय रोगों से पीड़ित मरीजों के लिए वरदान हैं. यह एक कम दर्दनाक प्रक्रिया है जिसमें रिकवरी की अवधि कम होती है. इसके अलावा, चिकित्सा जटिलताओं का जोखिम भी कम होता है, और मरीज के जल्दी सामान्य स्थिति में आने का फायदा भी होता है.”

जानें क्या है टीएवीआई प्रक्रिया

टीएवीआई (ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वाल्व इम्प्लांटेशन) अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करके की जाने वाली एक न्यूनतम इनवेसिव गैर-सर्जिकल प्रक्रिया है जो डॉक्टरों को क्षतिग्रस्त वाल्व को हटाए बिना या मरीज की छाती को खोले बिना हृदय में एक वाल्व को बदलने को संभव बनाती है.

टीएवीआई प्रक्रिया के फायदे

टीएवीआई प्रक्रिया के फायदों को बताते हुए, मेट्रो हॉस्पिटल्स में इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी के निदेशक डॉ समीर गुप्ता ने कहा, “टीएवीआई (ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वाल्व इम्प्लांटेशन), इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी में एक सफल उपलब्धि है. यह उन लोगों के लिए एक मिनिमली इनवेसिव प्रक्रिया है जिनमें पारंपरिक सर्जिकल प्रक्रिया का उच्च जोखिम है. टीएवीआई ने महाधमनी वाल्व स्टेनोसिस के मरीजों के लिए नई संभावनाएं खोली हैं. पारंपरिक सर्जरी की तुलना में इसकी सर्जरी कम इनवेसिव होती है. जिन मरीजों की टीएवीआई सर्जरी हुई है, वे सर्जरी के बाद 48 घंटों या 3-5 दिनों में घर वापस जा सकते हैं, जो उनके ठीक होने की दर पर निर्भर करता है.”

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Author: Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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