दूध, अंडा, चिकन और अखबार से नहीं फैलता कोरोना वायरस का संक्रमण

संक्रमण के इस दौर में कोरोना वायरस ही नहीं, सोशल मीडिया पर फैल रहे फेक न्यूज से भी बचना भी बहुत जरूरी है. मुश्किल के इस दौर में फेक न्यूज भी महामारी की तरह ही है जो लोगों की समस्याओं को बढ़ा देती है.

संक्रमण के इस दौर में कोरोना वायरस ही नहीं, सोशल मीडिया पर फैल रहे फेक न्यूज से भी बचना भी बहुत जरूरी है. मुश्किल के इस दौर में फेक न्यूज भी महामारी की तरह ही है जो लोगों की समस्याओं को बढ़ा देती है. इनसे बचने के लिए जरूरी है कि आनेवाले हर पोस्ट को फॉरवर्ड न करें. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बताया है कि कोरोना से बचने के लिए क्या करें और क्या नहीं.

सामान से नहीं आयेगा वायरस

इस बात की आशंका बहुत कम है कि किसी संक्रमित व्यक्ति के छूने से कोई सामान भी संक्रमित हो जाये. एक से दूसरी जगह पहुंचाने के दौरान सामान कई तरह की कंडिशन और तापमान से गुजरता है. ऐसे में वायरस का खतरा बेहद कम हो जाता है. ऐसे में डरिए नहीं और बेहिचक पहले की तरह ऑनलाइन ऑर्डर कीजिए.

पालतू जानवर भी हैं प्यार के हकदार

अगर आपके पास कोई पालतू जानवर है, तो उससे दूर न भागें. इस बात का कोई सबूत नहीं है कि डॉगी या बिल्ली वायरस ला सकते हैं.

अच्छी आदतें अपनाएं, जैसे

कच्चा मीट, दूध छूने के बाद हाथ धोएं. डिस्पोजबल ग्लब्स पहन सकते हैं. कच्चा या अधपका एनिमल प्रॉडक्ट खाने से बचें.

गर्म पानी से नहाने से बचाव नहीं

गर्म पानी से नहाना अच्छी बात है, लेकिन गर्म पानी से नहाकर कोरोना से बचा नहीं जा सकता.

तबीयत ठीक नहीं, तो करें आराम

यदि आपको बुखार, खांसी-जुकाम और सांस लेने में तकलीफ है, तो घर पर ही रहना बेहतर होगा. तुरंत डॉक्टरों से संपर्क करें. खांसते व छींकते समय कोहनी से मुंह और नाक-कान को ढंके. इस्तेमाल किये टिशू पेपर को तुरंत डस्टबीन में डालें.

होम डिलिवरी सबसे है कारगर

अगर आप साग-सब्जियां, दूध, फल, अंडे जैसी चीजों को ऑनलाइन ऑर्डर करते हैं, तो इसे बंद मत कीजिए. भीड़ भरे मार्केट या किसी सुपरमार्केट में घुसने से बेहतर है कि आप ऑनलाइन सामान ऑर्डर कर अपने घर पर मंगवायें. फिर भी बाहर निकलना हो, तो लोगों से एक मीटर की दूरी बनाकर रखें. बाजार से आने के बाद हाथों को धोना न भूलें.

संक्रमित इंसान से फैलता है वायरस : डॉ दिवाकर

पटना के फिजिसियन डॉ दिवाकर का कहना है कि वायरस संक्रमित इंसान से फैलता है, न कि अखबार या अन्य चीजों से. संक्रमित व्यक्ति द्वारा किसी चीज को छूने पर ही वायरस के फैलने का खतरा रहता है. इसलिए अफवाह में न आएं. अगर मन में भ्रम हो तो हाथ को लगातार साबुन से धोते रहें. क्योंकि हाथ पर यह वायरस चार से दस घंटे तक जिंदा रह सकता है. हाथ धोने से पहले चेहरे को छूने से बचना चाहिए.

हर उम्र के लोगों पर है खतरा

कोरोना वायरस हर उम्र के लोगों को बीमार कर सकता है. हालांकि, डब्ल्यूएचओ की यही सलाह है कि हर उम्र के लोगों को एहतियात बरतना जरूरी है.

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Author: Pritish Sahay

Published by: Prabhat Khabar

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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