International Nurses Day 2023: अन्तर्राष्ट्रीय नर्स दिवस आज, जानिए इस दिन का इतिहास और महत्व

International Nurses Day 2023: हर साल आज 12 मई के दिन अन्तर्राष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया जाता है. अंतरराष्ट्रीय नर्स डे दुनिया भर की नर्सेज को समाज में उनके खास योगदान देने के लिए मनाया जाता है.

International Nurses Day 2023:  हर साल 12 मई के दिन अन्तर्राष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया जाता है. अंतरराष्ट्रीय नर्स डे दुनिया भर की नर्सेज को समाज में उनके खास योगदान देने के लिए मनाया जाता है. इस दिन दुनिया की सबसे मशहूर नर्स फ्लोरेंस नाइटिंगेल का जन्मदिन भी होता है.  

अन्तर्राष्ट्रीय नर्सिंग दिवस का इतिहास

12 मई को फेलोरिंस नाइटिंगेल का जन्म हुआ था, जो कि आधुनिक नर्सिंग की संस्थापक थीं. यह एक वजह है कि इनके जन्मदिवस के अवसर पर इस दिन को मनाने का निर्णय लिया गया. जनवरी 1974 में, इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ नर्स द्वारा अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाने की घोषणा की गई. इस दौरान इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ नर्स द्वारा नर्सों को किट भी बांटी जाती है इसमें उनके काम आने वाली सामग्री होती है.

“दी लेडी विद दी लैंप”

फ्लोरेंस नाइटिंगेल का जन्म 1820 को 12 मई को हुआ था, हालांकि वह एक धनी परिवार से आई थीं, लेकिन आरामदायक जीवन बिताने में उन्हें कोई दिलचस्पी नहीं थी. उनके मन में मनावता के प्रति बेहद प्यार था. फ्लोरेंस के पिता विलियम एडवर्ड नाइटिंगेल एक समृद्ध ज़मींदार थे, फ्लोरेंस को जर्मन, फ्रेंच और इटालियन भाषा के साथ-साथ गणित का भी अच्छा ज्ञान था.

फ्लोरेंस का शुरुआती जीवन

जन्म उनका इटली में हुआ लेकिन माता-पिता के साथ इंग्लैंड चली गईं. जीवन का बाकी समय वहीं गुजरा. विक्टोरिया काल के ब्रिटेन में अमीर घरानों की महिलाएं काम नहीं करती थीं. उनका काम सिर्फ शादी करना और शादी के बाद घर, बच्चे और पति की देखभाल करना होता था. नौकरों को देखना, अतिथियों की देखभाल, पढ़ना, सिलाई-बुनाई और सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेना, यही सब रोजाना करना होता था. लेकिन फ्लोरेंस तो किसी और चीज के लिए ही बनी थीं. जब वह 16 साल की थीं तो उनका मानना था कि भगवान की ओर से उनको पीड़ित लोगों की मदद के लिए कहा गया है. वह नर्स बनना चाहती थीं जो मरीजों और परेशान लोगों की देखभाल करे.

नर्सिंग में करियर

फ्लोरेंस ने अपनी इच्छा अपने माता-पिता को बताई. यह सुनकर उनके पिता काफी नाराज हुआ. उस समय नर्सिंग को सम्मानित पेशा नहीं माना जाता था. इसके अलावा अस्पताल काफी गंदी जगह होते थे और बड़े डरावने होते थे. अकसर बीमार लोगों के मर जाने से डरावना जैसा लगता था. फ्लोरेंस जैसी धनी परिवार की लड़की के लिए वह पेशा तो बिल्कुल नहीं था. लेकिन फ्लोरेंस अपनी बातों पर अड़ गईं.

आखिरकार उनके माता-पिता को उनकी बातों को मानना पड़ा. 1851 में फ्लोरेंस को नर्सिंग की पढ़ाई की अनुमति दे दी गई. जर्मनी में महिलाओं के लिए एक क्रिस्चन स्कूल में उन्होंने नर्सिंग की पढ़ाई शुरू कर दी. वहां उन्होंने मरीजों की देखभाल के अहम हुनर सीखें. वहां उन्होंने अस्पताल को साफ रखने के महत्व के बारे में भी जाना. 1853 में उन्होंने लंदन में महिलाओं का एक अस्पताल खोला. वहां उन्होंने बहुत अच्छा काम किया. उन्होंने मरीजों की देखभाल की बहुत अच्छी सुविधा मुहैया कराई. काम करने की स्थिति में भी सुधार किया.

अन्तर्राष्ट्रीय नर्स वीक क्या है ?

राष्ट्रीय नर्स सप्ताह प्रत्येक वर्ष 6 मई से शुरू होता है और 12 मई को फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जन्मदिन पर समाप्त होता है. राष्ट्रीय नर्स सप्ताह एक मान्यता प्राप्त घटना के रूप में ये स्थायी तिथियां नियोजन और स्थिति को स्थापित करती हैं. 1998 तक, 8 मई को राष्ट्रीय छात्र नर्स के रूप में नामित किया गया था, जिसे वार्षिक रूप से मनाया जाता था. 2003 तक, नेशनल स्कूल नर्स दिवस प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय नर्स सप्ताह (6-12 मई) के भीतर बुधवार को मनाया जाता है. अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस प्रत्येक वर्ष 12 मई को दुनिया भर में मनाया जाता है.

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लेखक के बारे में

Author: Shaurya Punj

शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.

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