Monsoon 2023 में पांव पसार रहा Dengue-Malaria, जानें इससे बचने के उपाय

बच्‍चों में डेंगू के लक्षण अक्‍सर हल्‍के होते हैं. इनमें वायरल फ्लू की तरह ही लक्षण दिखते हैं. इसके अलावा चिड़चिड़ापन, सुस्‍ती, बच्‍चे का सामान्‍य से ज्‍यादा रोना, मसूड़ों या नाक से खून आना, त्‍वचा पर चकत्ते आना और एक दिन में तीन या उससे ज्‍यादा बार उल्‍टी होना जैसे लक्षण शामिल है.

जैसे-जैसे मानसून आता है, डेंगू और मलेरिया जैसी मच्छर जनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ने लगता है. इन दिनों हुई झमाझम बारिश से कई क्षेत्रों में बाढ़ आ गया है. बाढ़ के बाद सबसे ज्यादा खतरा डेंगू मलेरिया का है. बाढ़ प्रभावित इलाको में गड्ढों व निचले स्थानों पर जमे पानी में डेंगू व मलेरिया के मच्छर पनपने लगे हैं. ऐसे में इस बीमारी की चपेट में आने से बचना बहुत बड़ी चुनौती है. डेंगू और मलेरिया संक्रमित मच्छरों के काटने से फैलता है और दोनों ही बीमारियां गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा करती हैं.

इस मच्छर के काटने से होता है डेंगू

डेंगू बुखार एडिस नामक मच्छर के काटने से होता है. डेंगू होने पर मांशपेशियों और जोड़ों में हड्डी टूटने जैसा दर्द होता है. इसलिए इसे हड्डी तोड़ बुखार भी कहा जाता है. डेंगू के लक्षणों में तेज बुखार, सिर दर्द मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द जैसे लक्षण शामिल है. डेंगू के संक्रमित होने पर 4 से 5 दिन में इसके लक्षण दिखने शुरू हो जाते हैं.

ये हैं मलेरिया के लक्षण

अनोफलीज नामक मादा मच्छर के काटने से लोगों को मलेरिया होता है. इस बीमारी में व्यक्ति को तेज बुखार, सिरदर्द होना, ठंड लगना जैसे प्रमुख लक्षण शामिल है. इस बीमारी से पीड़ित होने पर कभी बहुत तेज तो कभी बहुत कम बुखार होता है. बारिश के मौसम में मलेरिया का संक्रमण ज्यादा फैलता है. संक्रमित व्यक्ति में डेंगू के लक्षण 7 दिनों के अंदर दिखने लगते हैं, जबकि, मलेरिया के लक्षण 10 से 15 दिनों के बाद देखने को मिलता है.

कैसे फैलती है ये बीमारियां

बारिश का मौसम शुरु होते ही डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियां भी शुरु हो जाती है. इस मौसम में मच्छरों का प्रकोप काफी बढ़ जाता है. बारिश में पानी का जमाव होने के कारण डेंगू पनपने लगता है. जहां डेंगू के मच्छर गंदी नालियों में नहीं बल्कि साफ सुथरे पानी में पनपते हैं, इसलिए साफ-सुथरे इलाकों में रहने वाले लोगों को इसका ज्यादा खतरा रहता है. वहीं मलेरिया कीचड़, जलजमाव व गंदगी से फैलता है.

डेंगू होने पर क्या करें और न करें

डेंगू होने पर ज्यादा से ज्यादा पानी और तरल पदार्थ खानें में लें. सादा खाना खाएं. चिकित्सक की सलाह के बिना दवा न लें. तेज बुखार, उल्टी, नाक-मुंह से खून निकलने या काले रंग का मल होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. वैसे मरीजों को ज्यादा सावधानी रखने की जरूरत है जिनको पहले भी डेंगू हो चुका है. डेंगू में पपीते के पत्ते और बकरी के दूध का सेवन करना चाहिए.

बच्चों में डेंगू के लक्षण

बच्‍चों में डेंगू के लक्षण अक्‍सर हल्‍के होते हैं. इनमें वायरल फ्लू की तरह ही लक्षण दिखते हैं. इसके अलावा चिड़चिड़ापन, सुस्‍ती, बच्‍चे का सामान्‍य से ज्‍यादा रोना, मसूड़ों या नाक से खून आना, त्‍वचा पर चकत्ते आना और एक दिन में तीन या उससे ज्‍यादा बार उल्‍टी होना जैसे लक्षण शामिल है. बुखार आने पर एक सप्‍ताह तक रहता है. वहीं, बड़े बच्‍चों में थोड़े अलग लक्षण दिख सकते हैं. इन्‍हें थोड़ी -थोड़ी देर में तेज बुखार, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों में दर्द, जोड़ों में दर्द और तेज सिरदर्द जैसी समस्या हो सकती है. बच्चों में इस तरह के लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर के पास लो जाना चाहिए.

डेंगू से बचने के उपाय

  • प्रायः डेंगू का मच्छर दिन के उजाले में काटता है. इसलिए दिन में मच्छरों के काटने से खुद को बचाना जरूरी है.

  • बारिश के दिनों में फुल ड्रेस पहने. जिसमें आपके हाथ-पैर ढकें हो. साथ ही पैर में जूते जरूर पहनें. शरीर को कहीं से भी खुला नहीं छोड़ना है.

  • घर के आसपास या घर के अंदर पानी जमा जमने ने दें, इसका खास ख्याल रखें. कूलर, गमले, टायर इत्यादि में जमे पानी को तुरंत बहा दें और सफाई करें

  • कूलर में यदि पानी है तो इसमें केरोसिन तेल डालें जिससे कि मच्छर न पनप पाये.

  • रोजाना मच्छरदानी का उपयोग करें.

  • पानी की टंकियों को सही तरीके से ढंकें.

  • यदि आपमें डेंगू के लक्षण नजर आ रहे तो भी आपको ये परहेज करना होगा. जिससे आपके शरीर का वायरस दूसरों तक न पहुं सके.

  • हल्के लक्ष्ण नजर आते ही नजदीकी डॉक्टर की सलाह लें, खून में प्लेटलेट्स की जांच जरूर कराएं.

  • रोगी को लगातार पानी पीलाते रहें, इससे पानी की कमी नहीं होगी. नसों के जरिए भी रोगी को तरल दिया जाता है.

  • डेंगू होने पर पपीते के पत्तों का जूस, खट्टा फल, नारियल पानी और हल्दी कै सेवन करना चाहिए.

डिस्क्लेमर : दी गई जानकारी इंटरनेट से ली गई है. किसी भी तरह के उपाय को अपनाने से पहले खुद जांच परख करें व विशेषज्ञों की सलाह जरूर लें. प्रभात खबर डॉट कॉम दिये गए किसी जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Author: Shradha Chhetry

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