चीनी वैज्ञानिकों ने खोजा एक और वायरस, दुनिया पर फिर मंडरा सकता है खतरा, यह मनुष्यों को आसानी से कर सकता है संक्रमित !

Chinese scientists found another virus, swine flu China, H1N1, pandemic, G4, G4 flu : अमेरिकी विज्ञान पत्रिका पीएनएएस में सोमवार को प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, चीन के शोधकर्ताओं ने एक नए प्रकार के फ्लू की खोज की है. बताया जा रहा है कि यह वायरस भी कोरोना वायरस की तरह महामारी का रूप ले सकता है. इस वायरस का नाम जी4 (G4 EA H1N1) दिया गया है जो सूअरों के अंदर पाया जाता है. खबरों की मानें तो यह वायरस भी आसानी से एक से दूसरे व्यक्ति में संक्रमित हो सकता है.

Chinese scientists found another virus, swine flu China, H1N1, pandemic, G4, G4 flu : अमेरिकी विज्ञान पत्रिका पीएनएएस में सोमवार को प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, चीन के शोधकर्ताओं ने एक नए प्रकार के फ्लू की खोज की है. बताया जा रहा है कि यह वायरस भी कोरोना वायरस की तरह महामारी का रूप ले सकता है. इस वायरस का नाम जी4 (G4 EA H1N1) दिया गया है जो सूअरों के अंदर पाया जाता है. खबरों की मानें तो यह वायरस भी आसानी से एक से दूसरे व्यक्ति में संक्रमित हो सकता है.

दरअसल, चीनी विश्वविद्यालयों और चीन के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के लेखकों, वैज्ञानिकों की मानें तो यह वायरस मनुष्यों को आसानी से संक्रमित कर सकता है. इसके लक्षण संक्रमण के अनुकूल संकेत दे रहे हैं. अनुमान लगाया जा रहा है कि इससे पूरी दुनिया पर एक बार फिर संकट गहरा सकता है.

बताया जा रहा है कि यह वायरस इंफ्लुएंजा की नई नस्‍ल है. जो बेहद खतरनाक है और वैज्ञानिक इस पर नजर बनाए हुए हैं. वर्ष 2011 से 2018 तक वैज्ञानिकों ने 10 चीनी प्रांतों में इसे लेकर परिक्षण किया है. इस दौरान उन्होंने बूचड़खाने और पशु चिकित्सा अस्पताल में जाकर करीब 30,000 सूअरों का स्वाब टेस्ट लिया है.

शोधकर्ताओं ने इस पर विभिन्न प्रयोग किए हैं जिससे पता चला है कि यह वायरस भी मुख्य रूप से बुखार, खांसी और छींक से फैल सकता है. शोध में यह भी खुलासा हुआ है कि मौसमी फ्लू के संपर्क में आने से किसी भी तरह का इम्यूनिटी हमें जी4 से नहीं बचा सकता है. नए वायरस G4 EA H1N1 में अपनी कोशिकाओं को कई गुना बढ़ाने की क्षमता है. चीनी वैज्ञानिक वहां के अधिकारियों से इस बारे में बात कर रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि फ्लू की वर्तमान वैक्‍सीन हमारे शरीर को प्रभावित होने से नहीं रोक पायेगी. इस मामले में प्रोफेसर किन चो चांग का कहना है कि फिलहाल यह पुष्ट नहीं हो पाया है कि इस वायरस का संक्रमण एक से दूसरे व्यक्ति में भी फैल सकता है. अत: अभी इससे ज्यादा खतरा नहीं है. हालांकि, इस पर विशेष ध्यान और गहण शोध की जरूरत है.

Posted By : Sumit Kumar Verma

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