Health Tips:- अगर रहना है बीमारियों से दूर तो आज से शुरू करें नंगे पैर चलना

पेड़ की जड़ के समान इंसान का पैर भी शरीर का जड़ होता है इसलिए हमारे बड़े बुजुर्ग हमेशा नंगे पैर चलने की सलाह देते थे और खुद भी नंगे पैर चलते थे और बहुत लोग खराऊं ( पैर में पहने जाने वाला एक प्रकार का लकड़ी से बना चप्पल) . हमारे शरीर के सारे ऑर्गन्स के बिंदु पैरों के तलवे में होते हैं और जब हम चलते हैं पैरों के तलवे के सारे बिंदुओ पर दबाव पड़ता है. जिससे हमारे पूरे शरीर को कई आश्चर्यजनक फायदे मिलते हैं.

आज की मॉडर्न जीवनशैली प्राचीन जीवनशैली से काफी अलग हो चुकी है. 21वीं सदी के इस दौर में सुबह उठने से लेकर और रात में सोने के बीच की कार्यशैली और तरीका सब बदल सा गया है.लेकिन क्योंकि हमारी
प्राचीन नियम पद्धति आज भी उतना ही कारगर और लाभकारी है जितना की पुराने समय में हुआ करता था.
इसलिए आज के जीवनशैली में भी लोग कई सारी प्राचीन जीवन पद्धतियो को अपना रहे हैं. ऐसी ही एक प्राचीन जीवनशैली का हिस्सा है नंगे पैर चलना. आजकल कई हेल्थ एक्सपर्ट्स नंगे पैर चलने के अनगिनत फायदे बताते रहते हैं. नंगे पैर चलने से कई सारी बीमारियों से दूर रहा जा सकता है. पैर के तलवे में कई ऐसे बिंदु होते हैं जिनपर दबाव पड़ता है तो एक्यूप्रेशर की वजह से पूरे शरीर को हैरान करने वाले फायदे मिलते हैं. आइए जानते हैं नंगे पैर टहलने या चलने के आश्चर्यजनक फायदे

  • शरीर के बीमारीयो को दूर करने में कारगर :- जूते चप्पल पहन कर चलने से हमारे शरीर में वोल्टेज का लेवल हर सेकंड बढ़ता जाता है और जैसे ही हम अपने नंगे पैरों को जमीन पर रखते हैं तो शरीर के वोल्टेज में गिरावट आने लगती है. पृथ्वी का वोल्टेज जीरो होता है जैसे पैरों को हम जमीन पर रखते हैं तो हमारा वोल्टेज भी पृथ्वी के वोल्टेज यानी जीरो के बराबर होने लगता है. शरीर में वोल्टेज की अधिकता कई सारी शारीरिक बीमारियों का कारण बन सकता है या पहले से विद्यमान बीमारी को और ज्यादा खतरनाक बना सकता है. नंगे पैर को जमीन पर रखने की इस प्रक्रिया को जीरो वोल्ट थेरेपी के नाम से जाना जाता है. पृथ्वी के संपर्क में रहने को अर्थिंग के नाम से भी जाना जाता है इस अर्थिंग से कई बीमारियां जैसे कैंसर की बीमारी , दिल के रोग, थैलेसीमिया ,ब्लड प्रेशर ,टैकीकार्डिया, ब्रैडीकार्डिया, स्लीप डिसऑर्डर आदि में आश्चर्यजनक लाभ देखने मिलता है
  • तनाव में राहत :- शरीर के सुचारू और संतुलित क्रिया केलिए हार्मोन के लेवल में संतुलन होना आवश्यक है. अगर शारीरिक हार्मोंस में असंतुलन होता है तो इसका परिणाम कई बीमारी या शारीरिक कष्ट के रूप में सामने आता है. ऐसा ही एक हार्मोन है कोर्टिसोल हार्मोन. कोर्टिसोल हार्मोन की अधिकता तनाव डिप्रेशन जैसे जटिल समस्या को जन्म दे सकता है. लेकिन अगर आप नंगे पैर चलते है तो इससे शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर कम होता है .जिससे तनाव और डिप्रेशन में राहत मिलता है.
  • शारीरिक समस्याओं से राहत में :- कोर्टिसोल हार्मोन की शरीर में अधिकता के कारण वजन बढ़ना, घाव का जल्दी ठीक ना होना, मांसपेशियों की कमजोरी ,थकान, चिड़चिड़ापन – गुस्सा और हाई ब्लड प्रेशर जैसी कई अन्य समस्याओं से दो चार होना पड़ता है. अगर नियमित तौर पर नंगे पैर टहला या चला जाय तो कोर्टिसोल का लेवल शरीर में घटता है जिससे इन सभी दिक्कतों से बचा जा सकता है.
  • एक्युप्रेशर से मिलता है लाभ :- हमारे पैरों के तलवे में अलग अलग स्थानों पर कई ऐसे जरूरी बिंदु होते हैं जिन्हें एक्युप्रेशर कहते हैं जो शरीर के अंगों से जुड़े होते हैं खाली पैर चलने से एक्युप्रेशर की वजह से सभी जरूरी अंगों की एक्सरसाइज होती रहती है. एक्युप्रेशर कई बीमारियों में भी लाभदायक होता है.
  • शरीर में ऊर्जा और सकारात्मक विचारो के संचार हेतु :- नंगे पर चलने से हमारे शरीर में ब्लड का प्रवाह बढ़ता है जिसका सीधा फायदा हमारे दिमाग पर पड़ता है इंसान ऊर्जावान महसूस करता है. नंगे पैर चलने से डोपामाइन, एंडोर्फिन जैसे हार्मोन की वृद्धि होती है जिससे इंसान खुश और तनावमुक्त अनुभव करता है.

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Published by: Rishu kumar upadheyay

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