Malaria Symptoms: मानसून का मौसम जहां तपती गर्मी से राहत देता है, वहीं यह कई संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देता है. बारिश के दौरान जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ती है, जिसके कारण मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी फैल सकती है. अक्सर लोग मलेरिया के शुरुआती संकेतों को सामान्य वायरल संक्रमण या थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे समस्या बढ़ सकती है.
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, समय रहते लक्षणों की पहचान और सही इलाज शुरू कर दिया जाए तो मलेरिया से होने वाली जटिलताओं से बचा जा सकता है. आइए जानते हैं इस बीमारी के कुछ प्रमुख संकेतों के बारे में.
तेज बुखार और ठंड लगना
मलेरिया का सबसे सामान्य लक्षण तेज बुखार है. इसके साथ अचानक ठंड लगना और कंपकंपी भी हो सकती है. कई बार बुखार बार-बार आता है और शरीर का तापमान काफी बढ़ जाता है.
ज्यादा पसीना आना
बुखार उतरने के बाद अत्यधिक पसीना आना भी मलेरिया का संकेत माना जाता है. शरीर तापमान को सामान्य करने की कोशिश करता है, जिसके कारण मरीज को जरूरत से ज्यादा पसीना आ सकता है.
सिरदर्द और शरीर में दर्द
मलेरिया होने पर सिर भारी लगना, आंखों के आसपास दर्द और पूरे शरीर में टूटन महसूस हो सकती है. कई लोगों को मांसपेशियों में दर्द और कमजोरी की शिकायत भी होती है.
लगातार थकान और कमजोरी
अगर बिना ज्यादा काम किए भी हर समय थकान महसूस हो रही है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. मलेरिया शरीर की ऊर्जा को प्रभावित करता है, जिससे कमजोरी और सुस्ती बढ़ सकती है.
उल्टी होना
कुछ मरीजों में जी मिचलाना, उल्टी होना, भूख कम लगना और पेट में असहजता जैसे लक्षण भी देखने को मिलते हैं. बुखार के साथ ऐसे संकेत दिखाई दें तो तुरंत जांच करानी चाहिए.
मलेरिया से बचाव कैसे करें?
मलेरिया से बचने के लिए घर और आसपास पानी जमा न होने दें. सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें, पूरी बांह के कपड़े पहनें और मच्छर भगाने वाले रिपेलेंट का उपयोग करें. यदि लगातार बुखार या ऊपर बताए गए लक्षण दिखाई दें तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करें.
मानसून के मौसम में थोड़ी सावधानी और जागरूकता आपको और आपके परिवार को मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रख सकती है.
यह भी पढ़ें: मानसून की एंट्री के साथ बढ़ा बीमारियों का खतरा, बदलते मौसम में ऐसे रखें सेहत का खास ख्याल
