Ranchi: अदिति का एक माह बाद भी सुराग नहीं, गुस्साये लोगों ने कोकर चौक किया जाम

Ranchi: रांची में अदिति के लापता होने के एक महीने बाद भी पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिला है. मामले से नाराज लोगों ने कोकर चौक जाम कर प्रदर्शन किया और जल्द से जल्द अदिति की बरामदगी व दोषियों पर कार्रवाई की मांग की. पूरी खबर नीचे पढ़ें...

Ranchi: सदर थाना क्षेत्र स्थित कोकर के खोरहा टोली से लापता 19 माह की मासूम अदिति पांडेय का एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कोई पुख्ता सुराग नहीं मिल पाया है. इससे आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने रविवार की शाम तेज बारिश के बीच भी कोकर चौक को जाम कर उग्र प्रदर्शन किया. सड़कें जाम होने के कारण नेशनल हाइवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गयी. बूटी मोड़ से कोकर चौक होते हुए लालपुर और कोकर चौक से कांटाटोली की ओर जाने वालों वाहनों की लंबी कतारें लग गयी. दोनों ओर से वाहनों की लंबी कतारें दिखी.

गुस्साये लोगों के हाथों में बैनर के साथ-साथ डंडा भी था. पुरुषों के साथ महिला भी सड़कों पर थी. जाम होने से लोग घंटों परेशान रहे. सूचना मिलते ही सदर थाना और ट्रैफिक पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया.

राज्यपाल व सीएम से लगा चुके हैं गुहार

नौ मई की शाम से लापता अदिति के परिजनों ने न्याय के लिए राज्यपाल, मुख्यमंत्री और डीजीपी से मिल कर गुहार लगा चुके हैं. उधर, बेटी की सकुशल बरामदगी के लिए पूरा मोहल्ला पूजा-पाठ और हवन कर रहा है. सदर डीएसपी संजीव बेसरा ने कहा कि परिजनों के आग्रह पर दुबारा सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है. झारखंड सहित अन्य राज्यों में भी पुलिस छापेमारी कर रही है. वहीं, परिजनों का साफ कहना है कि बच्ची का अपहरण किया गया है.

सुराग देने वालों को अब 2.50 लाख रुपये का मिलेगा इनाम

इधर, अदिति पांडेय का सुराग देने वालों को अब 2.50 लाख रुपये का इनाम पुलिस की ओर से दिया जायेगा. जबकि, पहले यह इनाम दो लाख रुपये था. इसके लिए पुलिस ने बकायदा विज्ञापन भी जारी किया है.

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Published by: AmleshNandan Sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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