'मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान...' गाने वाले सुनील लोधी की खुली किस्मत, CM मोहन यादव ने उठाया आंखों के पूरे इलाज का जिम्मा

'मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान' गाने से इंटरनेट पर छाए बुंदेलखंड के दृष्टिबाधित गायक सुनील लोधी ने सीएम मोहन यादव से मुलाकात की. मुख्यमंत्री ने सुनील के संघर्ष और प्रतिभा का सम्मान करते हुए ₹1 लाख की सम्मान निधि, संगीत की पढ़ाई और आंखों के इलाज के लिए सरकारी मदद की घोषणा की.

Hanuman Ansh Sunil Lodhi Meets Madhya Pradesh Mohan Yadav: हनुमान अंश के ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान’ गाने से पॉपुलर हुए बुंदेलखंड के सुनील लोधी सीएम हाउस पहुचें और मोहन यादव से मुलाकात की. दृष्टिबाधित सुनील की प्रतिभा और उनके संघर्ष को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने  उन्हें 1 लाख रुपये की सम्मान निधि देने की घोषणा की. साथ ही उनकी आंखों के इलाज और संगीत की औपचारिक शिक्षा में भी सरकारी मदद का भरोसा दिया.

सुनील लोधी ने सीएम मोहन यादव से की मुलाकात

सुनील लोधी ने भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात की. इस दौरान उनके माता-पिता भी मौजूद रहे. मुख्यमंत्री ने सुनील की संगीत यात्रा की सराहना की और उनके संघर्ष को देखते हुए उन्हें सम्मानित किया. सीएम ने कहा कि मेहनती और प्रतिभाशाली कलाकारों को आगे बढ़ने के लिए राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग दिया जाएगा.

मुख्यमंत्री ने सुनील को 1 लाख रुपये की सम्मान निधि देने की घोषणा की. इसके साथ ही उनकी संगीत की पढ़ाई को आगे बढ़ाने के लिए सरकारी सहायता देने की बात भी कही गई. 

आंखों की रोशनी के इलाज के लिए भी मिलेगी मदद

सुनील लोधी जन्म से ही दृष्टिबाधित है. बचपन में उनके परिवार ने उनके इलाज के लिए कई जगह कोशिश की थी, लेकिन उनकी आंखों की रोशनी वापस नहीं आ सकी. अब मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उनके इलाज के लिए आवश्यक जांच और सरकारी सहयोग का भरोसा दिया है.

यह सुनील और उनके परिवार के लिए बड़ी उम्मीद है. हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि इलाज के बाद उनकी आंखों की रोशनी वापस आ जाएगी. फिलहाल सरकार की ओर से उनकी स्थिति की जांच और संभावित उपचार में मदद की बात कही गई है. यह भी पढ़ें: Hanuman Ansh Song: ‘मैंने तेरे ही भरोसे’ गाने वाले दृष्टिबाधित गायक Sunil Lodhi कौन हैं? जानें कैसे मिली उन्हें बड़े पर्दे पर एंट्री

‘हनुमान अंश’ के गाने ने बदली सुनील की पहचान

सुनील लोधी सागर जिले के आगरा गांव से ताल्लुक रखते हैं. आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं होने के बावजूद उन्होंने संगीत को अपना सहारा बनाया. बचपन से ही वह गांव में होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों में भजन गाते थे और बुजुर्गों से भजन सीखते थे. उनके पास औपचारिक संगीत प्रशिक्षण का ज्यादा अवसर नहीं था, लेकिन उनकी आवाज में एक अलग तरह की मिठास और लोक संगीत की झलक थी.

सुनील लोधी, फोटो- इंस्टाग्राम

फाइनेंसियल दिक्कतों के कारण सुनील ने ट्रेन में भी भजन गाकर अपना गुजारा किया. उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव तब आया, जब ‘बुंदेली दुनिया’ नाम से सोशल मीडिया पर काम करने वाले रोहित साहू ने उनकी प्रतिभा पहचानी. उन्होंने सुनील के भजनों के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किए.

सोशल मीडिया से मुंबई के स्टूडियो तक पहुंची आवाज

साल 2020 में सुनील का हनुमान भजन ‘मोरे संकट के कटैया’ सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय हुआ. इसके बाद उनकी आवाज धीरे-धीरे ज्यादा लोगों तक पहुंचने लगी. इसी सोशल मीडिया लोकप्रियता ने उन्हें फिल्मी दुनिया तक पहुंचने का रास्ता दिया.

फिल्म ‘हनुमान अंश’ के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने सुनील का एक सोशल मीडिया वीडियो देखा और उनकी आवाज पसंद आ गई. इसके बाद उन्हें मुंबई बुलाया गया, जहां उन्होंने फिल्म के लिए बुंदेली भजन रिकॉर्ड किया. फिल्म में उनका गाया गीत ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान, सागर में नैया पार दई’ खास तौर पर काफी पॉपुलर हुआ. 

यह भी पढ़ें: Hanuman Ansh Box Office: 2 करोड़ की फिल्म ने 100 करोड़ कमाकर रचा इतिहास, सलमान-अल्लू अर्जुन को भी नहीं बख्शा

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By आशा कुमारी

आशा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में एंटरटेनमेंट कंटेंट राइटर हैं. वह बॉलीवुड, साउथ सिनेमा, OTT, बॉक्स ऑफिस, टीवी शोज और सोशल मीडिया पर वायरल एंटरटेनमेंट अपडेट्स कवर करती हैं. उनकी कोशिश यही रहती है कि हर बड़ी एंटरटेनमेंट खबर पूरी फैक्ट-चेकिंग, सटीक जानकारी और आसान भाषा के साथ सबसे पहले पाठकों तक पहुंचाई जाए.

आशा को एंटरटेनमेंट बीट हमेशा से पसंद रहा है, इसलिए वह एंटरटेनमेंट की हर बड़ी खबर, ट्रेंडिंग और महत्वपूर्ण अपडेट्स पर नजर रखती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि खबरें सिर्फ जानकारी तक सीमित न रहें, बल्कि दिलचस्प और आसान भाषा में हों, ताकि रीडर्स इनसे जुड़ाव महसूस करें.

शिक्षा (Education)

झारखंड की रहने वाली आशा ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (IIMC), दिल्ली से इंग्लिश जर्नलिज्म में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है.

पत्रकारिता की शुरुआत 

आशा को कंटेंट राइटिंग में ढाई साल का अनुभव है. अपने करियर की शुरुआत उन्होंने ‘द पैम्फलेट’ (The Pamphlet) में न्यूज राइटर के तौर पर की थी. इसके बाद उन्होंने आउटलुक (Outlook) में लाइफस्टाइल कंटेंट राइटर के तौर पर काम किया. इसके साथ ही, आशा ने ईटीवी भारत (ETV Bharat) और हिंदुस्तान टाइम्स (Hindustan Times) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में इंग्लिश कंटेंट राइटर के रूप में अपना योगदान दिया है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >