Tum Dena Saath Mera: टीवी सीरियल ‘तुम देना साथ मेरा’ एपिसोड की शुरुआत में रक्षित, इरा से पूछता है कि उसने अरविंद को बचाने वाली बात को लेकर झूठ क्यों बोला था. इस पर इरा बताती है कि वह रक्षित के परिवार का प्यार पाना चाहती थी, इसलिए उसने ऐसा किया. रक्षित उसे समझाता है कि प्यार और अपनापन पाने के लिए झूठ की जरूरत नहीं होती. वह इरा से अपराजिता को परेशान न करने के लिए भी कहता है.
अपराजिता को सुननी पड़ी कई बातें
उधर पूजा का निमंत्रण देने आई एक महिला, मालती से कहती है कि अपराजिता को ललित के साथ अपने रिश्ते को सुधारने की कोशिश करनी चाहिए. यह सारी बातें रामगोपाल भी सुन लेता है. बाद में मालती, अपराजिता को फोन करती है. अपराजिता बताती है कि वह ऑफिस का काम पूरा करके जल्द घर आ जाएगी.
ऑफिस में पहुंचा ललित
सभी स्टाफ के जाने के बाद अपराजिता ऑफिस में काम करती रहती है. इस बीच ललित चुपके से ऑफिस में पहुंच जाता है और उससे माफी मांगता है. वह एक और मौका देने की बात करता है, लेकिन अपराजिता साफ कह देती है कि पिछले चार सालों में उसे सिर्फ निराशा मिली है. जब ललित कहता है कि पति ही महिला का सहारा होता है. तब अपराजिता जवाब देती है कि एक महिला खुद भी मजबूत हो सकती है.
आग के बीच सामने आई सच्चाई
‘तुम देना साथ मेरा’ के लेटेस्ट एपिसोड में ललित वहां से जाते समय अनजाने में ऐसी स्थिति पैदा कर देता है, जिससे ऑफिस में आग लग जाती है. अपराजिता तुरंत सामान और खास साड़ियों को सुरक्षित बाहर निकालने लगती है. इस बीच उसे किसी के आने की आहट सुनाई देती है. उसे लगता है कि ललित वापस आ गया है. वह अपने दिल की बात कहने लगती है और अपने शादीशुदा जीवन की परेशानियों का जिक्र करती है. तभी रक्षित वहां पहुंचकर उसकी बातें सुन लेता है. अब उसे समझ आ जाता है कि अपराजिता अंदर से कितनी परेशान है.
आने वाले एपिसोड में क्या होगा
प्रीकैप में दिखाया गया है कि अपराजिता, रक्षित का धन्यवाद करती है. वहीं उसे यह भी पता चलता है कि ललित और उसकी मां उसी कॉलोनी में रहने आने वाले हैं. ऐसे में आने वाले दिनों में अपराजिता की जिंदगी में नए उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं.
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