thukra ke mera pyaar season 2 :साल 2024 में जिओ हॉटस्टार पर रिलीज हुई ड्रामा सीरीज ठुकरा के मेरा प्यार ने दर्शकों का जमकर प्यार बटोरा था. इसके दूसरे सीजन ने बीते शुक्रवार को दस्तक दे दी है.सांविका और कुलदीप की इस कहानी में इस बार क्या कुछ अलग और खास है. इस सीरीज की निर्देशिका श्रद्धा पासी जयरथ ने उर्मिला कोरी के साथ बातचीत में साझा किया है.बातचीत के प्रमुख अंश
इस सीजन कहानी में क्या है ?
इस सीजन की कहानी की बात करें, तो यह शानविका के बदले और कुलदीप के पश्चाताप के इर्द-गिर्द घूमती नजर आयेगी. हालांकि, इसकी मूल भावना में प्यार इस बार भी बना रहेगा, क्योंकि इंसान बदला भी उसी से लेना चाहता है, जिससे वह सबसे ज्यादा प्यार करता है. इस नये सीजन में कुछ नये चेहरों की भी एंट्री होगी. ‘कुंवर’ का किरदार कहानी में नया जुड़ने वाला है. वहीं, दत्तू और पुष्कर इस बार भी कहानी का अहम हिस्सा बने रहेंगे. पिछले सीजन में कहानी दो परिवारों के बीच के रिश्तों और जाति-वर्ग के भेदभाव के इर्द-गिर्द घूमती थी, लेकिन इस बार कहानी में पॉलिटिक्स भी अहम हिस्सा बनने वाला है.
पहले सीजन से दूसरे सीजन के बीच में क्या बदलाव आया है ?
पहला सीजन इतना लोकप्रिय हुआ था कि दूसरे सीजन में एपिसोड्स बहुत ज्यादा बढ़ा दिए गए हैं. जिनकी शूटिंग आसान नहीं थी क्योंकि सीमित एपिसोड्स में आप बहुत कुछ आसानी से कह देते हैं लेकिन जब एपिसोड्स बहुत ज्यादा होते हैं तो आपका काम बढ़ने के साथ साथ उसमें एकरूपता भी आ जाती है.अच्छे बदलाव की बात करूं तो पहले सीजन में हमें बहुत कम बजट दिया गया था लेकिन इस सीजन बजट अच्छा था.
शूटिंग के दौरान सबसे चैलेंजिंग क्या रहा ?
इस ड्रामा सीरीज के पिछले सीजन की शूटिंग लखनऊ में हुई थी. इस सीजन को भी शुरू से लेकर आखिर तक लखनऊ में ही शूट किया गया है. करीब 80 दिनों का यह शूटिंग शेड्यूल रहा. हमने पिछले साल नवंबर में शूटिंग शुरू की थी, जो फरवरी तक चली. उत्तर भारत की ठंड कैसी होती है, यह सभी जानते हैं. हमने भी कड़ाके की ठंड का सामना किया. दिक्कत तब और बढ़ गयी थी, जब ठंड के साथ बारिश भी शुरू हो गयी थी. मेरा कैमरामैन बहुत परेशान हो गया था कि बारिश में शूटिंग कैसे होगी, लेकिन किसी तरह हमने सब कुछ मैनेज कर लिया.
आपका नाम मर्दानी ,शुद्ध देसी रोमांस और आर्या 4 से जुड़ा हुआ है ऐसे में इस सीरीज को हाँ कहने की क्या वजह थी ?
मर्दानी और शुद्ध देसी रोमांस से मैं बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर जुडी थी. सुष्मिता सेन स्टारर आर्या 4 की मैं निर्देशिका था. आर्या जैसी बड़ी वेब सीरीज के निर्देशन के बाद जब इस शो का मुझे प्रस्ताव मिला, तो कई लोगों ने मुझे इसे करने से मना कर दिया था. इसकी वजह यह थी कि यह सीरीज नये चेहरों के साथ बनायी जा रही थी और इसका बजट भी अपेक्षाकृत कम था. कहानी का मूल कथानक भी कुछ हद तक जाना-पहचाना था, लेकिन इसी पहलू में चुनौती नजर आयी और यही बात मुझे इस प्रोजेक्ट से जोड़ गयी.
कभी लगा नहीं कि आर्या के बाद ये शो करना आपके करियर को रिस्क में डाल सकता है ?
मेरे लिए माध्यम नहीं बल्कि कहानी मायने रखती है. एफटीआईआई से फिल्म मेकिंग का कोर्स किया फिर फिल्मों से जुड़ी. फिल्मों में मेरे परिवार में दूर दूर से कोई नहीं था. ये दिल से चुना हुआ मेरा प्रोफेशन है. दिमाग से नहीं तो मैं वही कहानियां कहूँगी जो मेरे दिल को छुएंगी. बड़ा बैनर ,बड़े एक्टर्स ये सब मेरे लिए मायने नहीं रखते हैं.मैं तो यूट्यूब के लिए लघु फिल्में भी बनाती हूं.
पहले सीजन की कामयाबी का श्रेय आप किसे देना चाहेंगी ?
मैंने कहानी के ट्रीटमेंट को पूरी तरह रीयलिस्टिक रखने की कोशिश की, जो दर्शकों को काफी पसंद आया.मेरी इस सीरीज में कैमरे के पीछे काम करने वाले कई लोगों ने कहा कि उन्हें पता है कि कहानी में क्या आगे होगा लेकिन कैसे ये होगा. उन्हें ये जानना है.रिअलिस्टिक ट्रीटमेंट इसे खास बनाता है.इसके साथ ही मैं शो के दोनों चेहरे संचिता बसु और धवल ठाकुर के दमदार अभिनय को भी क्रेडिट देती हूँ. उन्होंने बहुत मेहनत की है.सीरीज की शूटिंग के वक़्त हम एक परिवार बन गए थे.
क्या तीसरे सीजन की भी तैयारी है ?
हां, दूसरे सीजन के आखिर में हुक पॉइंट तो छोड़ा है.तीसरे सीजन के बारे में अभी कुछ भी बोलना जल्दीबाजी होगी.यह पूरी तरह से दूसरे सीजन की कामयाबी पर निर्भर है.
क्या महिला निर्देशिका होने की वजह से जर्नी मुश्किल भरी रही है ?
मैं ऐसा नहीं मानती हूँ. हाँ महिला हूँ इसलिए शुरुआत में लोग कहते थे कि क्राइम और थ्रिलर शोज मत दो लेकिन फिर इसी इंडस्ट्री से मुझे मर्दानी और आर्या जैसे शोज से जोड़ा तो मैं शिकायत कैसे कर सकती हूँ. प्रदीप सरकार और राम माधवानी से मुझे बहुत सीखने का मौक़ा मिला.
