The Kerala Story 2: फिल्मों को लेकर विवाद होना नया नहीं है, लेकिन जब मामला धर्म, राजनीति और समाज से जुड़ जाए तो बहस और भी तेज हो जाती है. इन दिनों ‘द केरल स्टोरी 2’ को लेकर ऐसा ही माहौल बना हुआ है. ट्रेलर रिलीज होते ही फिल्म पर सवाल उठने लगे और बात अदालत तक जा पहुंची. इसी बीच फिल्म इंडस्ट्री के दो बड़े नाम अनुराग कश्यप और कामाख्या नारायण सिंह फिल्म को लेकर आमने-सामने आ गए हैं.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, ‘द केरल स्टोरी 2’ के ट्रेलर रिलीज के बाद सोशल मीडिया पर जमकर चर्चा हो रही है. कुछ लोग इसे सच दिखाने वाली फिल्म बता रहे हैं, तो कुछ इसे प्रोपेगेंडा कह रहे हैं. विवाद इतना बढ़ा कि मामला कोर्ट तक पहुंच गया. इसी बीच फिल्ममेकर अनुराग कश्यप ने फिल्म पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि ये एक “बकवास प्रोपेगेंडा मूवी” है. उनके मुताबिक, फिल्म के जरिए लोगों को बांटने की कोशिश हो रही है और मेकर्स सिर्फ पैसा कमाना चाहते हैं.”
कामाख्या नारायण सिंह का पलटवार
अनुराग कश्यप के बयान के बाद फिल्म के डायरेक्टर कामाख्या नारायण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया और जमकर जवाब दिया. उन्होंने कहा कि अनुराग कश्यप हर चीज से परेशानी जताते हैं चाहे वो ब्राह्मण हों, नेटफ्लिक्स हो या फिल्म इंडस्ट्री. उन्होंने आरोप लगाया कि समाज में मासूम लड़कियों का धर्म परिवर्तन कराने के लिए बीफ खिलाया जाना अपराध है और फिल्म इसी सच्चाई को दिखाती है.
कामाख्या नारायण सिंह ने अनुराग कश्यप को मानसिक रूप से दुर्बल तक कह दिया. साथ ही उन्होंने उनकी पुरानी फिल्म “दैट गर्ल इन येलो बूट्स” का जिक्र करते हुए कहा कि उसमें पिता-बेटी के अनैतिक रिश्ते को दिखाया गया था, जो एक सभ्य समाज के लिए स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने दावा किया कि ‘द केरल स्टोरी 2’ सच्ची घटनाओं पर आधारित है और ट्रेलर को समाज में अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है.
बढ़ती जा रही है बहस
फिलहाल यह विवाद सोशल मीडिया से निकलकर कानूनी दायरे में भी पहुंच चुका है. फिल्म रिलीज से पहले ही जिस तरह का माहौल बना है, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गर्मा सकता है.
यह भी पढे़ं: The Kerala Story 2 पर भड़के अनुराग कश्यप, फिल्म को बताया “बकवास प्रोपेगैंडा”
