TMKOC: चंपकलाल छोड़ चुना जेठालाल, दिलीप जोशी के एक फैसले ने बदल दी पूरी किस्मत, एक्टर ने खुद खोला राज

क्या आप जानते हैं कि 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' के जेठालाल का किरदार निभाने से पहले दिलीप जोशी को दो किरदारों में से एक को चुनने का मौका मिला था? उन्होंने खुद एक इंटरव्यू में इस राज से पर्दा उठाया है.

Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah Dilip Joshi: टीवी के लोकप्रिय शो 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में जेठालाल का किरदार आज घर-घर में पहचाना जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस आइकॉनिक रोल से पहले दिलीप जोशी को जेठालाल और चंपकलाल में से किसी एक किरदार को चुनने का मौका मिला था. एक इंटरव्यू में दिलीप ने इसका खुलासा किया.

Dilip Joshi Reveals How He Got Jethalal Role: कैसे मिला दिलीप जोशी को जेठालाल का रोल?

टेली टॉक इंडिया से बातचीत के दौरान दिलीप जोशी ने बताया,

असल में, असित (मोदी) भाई और मेरी पहचान कॉलेज के दिनों से है. हालांकि हम दोनों एक ही कॉलेज में नहीं पढ़ते थे. हम अलग-अलग कॉलेजों में थे, लेकिन इंटर-कॉलेज प्रतियोगिताओं में अक्सर हमारी मुलाकात हो जाती थी. एक प्रतियोगिता में असित भाई ने 'बॉबी ब्रेकर' नाम का नाटक किया था. उस नाटक में उन्होंने हकलाने वाले किरदार को इतनी खूबसूरती से निभाया कि मैं काफी प्रभावित हो गया.

दिलीप ने आगे कहा,

उन्हें देखने के बाद मैं खुद उनसे मिलने गया और कहा, 'वाह, आपने बहुत शानदार काम किया.' वहीं से हमारी पहचान शुरू हुई. बाद में उन्होंने भी इंटर-कॉलेज प्रतियोगिता में मेरा नाटक देखा. इसी तरह हमारी दोस्ती बढ़ती गई, जो मुझे लगता है कि करीब 1980 से चली आ रही है. उसके बाद जब भी असित भाई किसी नए सीरियल से जुड़े, उन्होंने हमेशा मुझे याद किया और काम के लिए बुलाया.

जेठालाल या चंपकलाल? दिलीप जोशी को मिला था दो किरदारों में से चुनने का मौका

दिलीप जोशी ने बताया कि जब वह असित मोदी के ऑफिस पहुंचे तो उन्हें दो किरदार ऑफर किए गए. उन्होंने कहा कि असित ने उनसे कहा,

देखो, हमारे पास चंपकलाल और जेठालाल दोनों किरदार हैं. तुम खुद तय करो कि कौन-सा रोल करना चाहते हो.

दिलीप के मुताबिक, शुरुआत में उन्हें लगा कि वह दोनों में से किसी भी किरदार में पूरी तरह फिट नहीं बैठेंगे. उन्होंने बताया,

मैंने कहा कि मुझे नहीं लगता मैं चंपकलाल के किरदार में फिट बैठूंगा. वहीं जेठालाल भी उस समय गुजराती वर्जन में बिल्कुल अलग अंदाज का था. इसलिए मुझे लगा कि शायद मैं उस रोल के लिए भी सही नहीं हूं. लेकिन मैंने कहा कि अगर मौका मिले तो मैं जेठालाल का किरदार निभाने की कोशिश जरूर करना चाहूंगा.

गुजराती वर्जन से था अलग जेठालाल का लुक

दिलीप जोशी ने बताया कि 'तारक मेहता' के गुजराती वर्जन में सभी किरदार थोड़ा कैरिकेचर स्टाइल में दिखाए जाते थे. उन्होंने कहा,

उस समय जेठालाल का किरदार बहुत दुबला-पतला दिखाया जाता था. उसकी चार्ली चैपलिन जैसी छोटी मूंछें थीं और उसका पूरा लुक अलग था. इसलिए मुझे लगा कि शायद मैं उस किरदार में सूट नहीं करूंगा."

उन्होंने दिलीप से कहा,

मुझे पता है कि तुम जो भी करोगे, उसे बेहतरीन तरीके से निभाओगे.


ये भी पढ़ें: ‘रात में होटल बुलाया और रखी ऐसी शर्त’, ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ की गुलाबो का खुलासा, एक्ट्रेस ने फिर संभाली बात


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By दिव्या केशरी

दिव्या केशरी एंटरटेनमेंट जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की एंटरटेनमेंट टीम की लीड के रूप में कार्यरत हैं. वह 2020 से प्रभात खबर डिजिटल से जुड़ी हुई हैं और तब से लगातार फिल्म, टीवी और ओटीटी इंडस्ट्री की खबरों को कवर कर रही हैं. उनके पास लगभग 8 साल का जर्नलिज्म एक्सपीरियंस है. एंटरटेनमेंट पत्रकारिता में उनकी मजबूत पकड़ फिल्म, वेब सीरीज, टीवी शो, बॉक्स ऑफिस, सेलिब्रिटी इंटरव्यू, बीटीएस अपडेट्स, थ्रोबैक स्टोरी, गॉसिप और ट्रेंडिंग एंटरटेनमेंट न्यूज पर है. उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर को आसान, भरोसेमंद और दिलचस्प अंदाज में पाठकों तक पहुंचाया जाए, ताकि पाठक सिर्फ जानकारी ही नहीं, बल्कि खबर से जुड़ाव भी महसूस करें.

शिक्षा और पत्रकारिता की शुरुआत

दिव्या केशरी ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से एडवरटाइजिंग एंड पब्लिक रिलेशंस में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ईटीवी भारत से की, जहां उन्हें अलग-अलग बीट्स पर काम करने का मौका मिला. इस दौरान उन्होंने कई स्पेशल स्टोरी और न्यूज पैकेज तैयार किए. झारखंड से जुड़ी कई अहम खबरों पर काम करते हुए उन्होंने रिसर्च और आसान भाषा में खबर लिखने की अपनी क्षमता को और मजबूत किया.

खबरों को लेकर सोच

दिव्या केशरी का मानना है कि एंटरटेनमेंट पत्रकारिता सिर्फ मनोरंजन की खबरें देना नहीं, बल्कि पाठकों तक सटीक, भरोसेमंद और रोचक जानकारी पहुंचाने की जिम्मेदारी भी है. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ है, जिसकी मदद से वह किसी भी खबर की गहराई तक पहुंचती हैं. वह SEO-ऑप्टिमाइज्ड, Google Discover फ्रेंडली और सरल भाषा में कंटेंट तैयार करती हैं, ताकि पाठकों को सही जानकारी आसानी से मिले और उनका पढ़ने का अनुभव बेहतर हो.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >