The Trial: शाहरुख खान के इस अंदाज के साथ मैंने काजोल को यह वेब सीरीज ऑफर की – सुपर्ण एस वर्मा

सुपर्ण एस वर्मा ने खुलासा किया कैसे उन्होंने काजोल को द ट्रायल में काम करने के लिए मनाया. उन्होंने कहा, मैं काजोल को ज़ूम मीटिंग में मिला था और जिस तरह से शाहरुख़ खान अपनी बांहे फैलाकर प्रपोज करते हैं. मैंने ज़ूम मीटिंग में बांहे फैलाकर उन्हें यह किरदार ऑफर किया था.

अभिनेत्री काजोल वेबसीरीज के नए फॉर्मेट में अपने अभिनय की शुरुआत डिज्नी प्लस हॉटस्टार की वेब सीरीज ट्रायल प्यार कानून और धोखा से करने जा रही हैं. यह वेब सीरीज अमेरिकन शो द गुड वाइफ का हिंदी रीमेक है. 14 जुलाई को स्ट्रीम होने जा रही इस वेब सीरीज पर निर्देशक और शो रनर सुपर्ण एस वर्मा की उर्मिला कोरी के साथ हुई बातचीत के प्रमुख अंश…

काजोल को इस वेब सीरीज के लिए आपने कैसे राजी किया?

मैंने शाहरुख़ खान साहब से एक बहुत बड़ी सीख ली है. मैं उनका बहुत बड़ा फैन रहा हूं. मैं काजोल को ज़ूम मीटिंग में मिला था और जिस तरह से शाहरुख़ खान अपनी बांहे फैलाकर प्रपोज करते हैं. (हंसते हुए) मैंने ज़ूम मीटिंग में बांहे फैलाकर उन्हें यह किरदार ऑफर किया था. वैसे उन्हें इस वेब सीरीज की कहानी और किरदार काफी पसंद आयी थी.

काजोल की यह पहली वेब सीरीज है, उन्हें कितने अलग अंदाज में आप पेश करने वाले हैं?

आपने आज तक काजोल को एक अलग रूप में देखा है, जहां पर हीरो उन्हें किसी प्रेमी या मंगेतर से चुराने की कोशिश करता है या उन्हें ट्रेन में भगाकर ले जा रहा है. इस सीरीज की शुरुआत वहां से होती हैं, जहां उनका पति चीट करके उनको छोड़कर चला जाता है. जहां पर उनकी फिल्मों की कहानी खत्म होती है. इस वेब सीरीज की कहानी वहां से शुरू हो रही है. इस सीरीज के ज़रिये हम रिश्तों को एक अलग पहलू को बयां कर रहे हैं. मुझे ऐसी कहानियों को कहने में मज़ा आता है, जो ब्लैक एंड वाइट जोन में ना हो, जो ग्रे ज़्यादा हो क्योंकि ज़िन्दगी में कोई फैसला आपके लिए सही है मतलब वह दूसरे के लिए भी सही होगा. ऐसा नहीं होता है. हर फैसले का स्याह पक्ष होता है.

ट्रायल एक कोर्ट रूम ड्रामा है, बंदा फिल्म का रिसर्च वर्क कितना काम आया?

जहां तक रिसर्च का सवाल है मैंने ट्रायल का रिसर्च पहले किया था. यही रिसर्च वर्क मैं बंदा में भी लेकर गया था. हमने लॉ फर्म के साथ काफी वक़्त बिताया. हम सेशन कोर्ट गए. हाई कोर्ट गए वहां देखा कि कार्यवाही कैसे होती है. वकीलों के साथ वक़्त बिताया, ताकि उनकी डेली लाइफ को जान सके. वो पूरा रिसर्च हमने अपने एक्टर को दिया, ताकि उन्हें ये सब रिसर्च में अपनी डेट्स ना देनी पड़ी और पूरी तरह से उनका फोकस किरदार में हो. आमतौर कोर्टरूम ड्रामा में दूसरे पक्ष के वकीलों को विलेन के तौर पर दिखाया जाता रहा है, लेकिन आमतौर पर वो आपके कलिंग होते हैं. ये शो आपको उनकी निजी ज़िन्दगी में लेकर ज्यादा है. जहां तक कोर्ट रूम की बात है वो सीरीज में सिर्फ 20 प्रतिशत है.बाकी सब उनकी निजी ज़िन्दगी के बारे में है.

बंदा के वक़्त कई लोगों को कई पहलुओं पर आपत्ति थी, इन सब बातों पर आपकी क्या राय है?

हम इसके बारे में ना सोचते हैं और ना ही इसका हमें डर होता है,क्योंकि हमारा दिल बहुत साफ़ है. हम जब भी कुछ बनाते हैं, तो ना किसी को आहत करने के लिए बनाते हैं ना विवाद कराने के लिए बनाते हैं. हम एंटरटेनमेंट करने के लिए बनाते हैं. मैं इस मामले में पूरी तरह से क्लियर हूं. मेरा एजेंडा सिर्फ एक है कि मुझे आपको एंटरटेन करना है. अगर नहीं कर पाया तो अगली बार और कोशिश करूंगा. यही मेरा काम है. अपने घर के कांच फोड़वाने के लिए काम नहीं करता हूं.

यह अमेरिकन शो का हिंदी रिमेक है, जो सात सीजन तक है क्या आपकी भी ऐसी कोई योजना है?

जब तक हमें बनाने में और दर्शकों को देखने में मज़ा आएगा. हम इसका नया सीजन बनाते रहेंगे. जब दर्शकों को नहीं आएगा, तो पर्दा गिराकर ताली बजाकर खत्म कर देंगे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: कोरी

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >