Suman Kalyanpur Family Tree: ‘ना ना करते प्यार’ और ‘आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे’ जैसे सदाबहार और सुपरहिट गानों को अपनी जादुई आवाज देने वाली भारत की मशहूर प्लेबैक सिंगर सुमन कल्याणपुर अब हमारे बीच नहीं रहीं. 31 मई 2026 को 89 साल की उम्र में उनका निधन हो गया. उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उन्होंने अंतिम सांस ली. उनके निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री और उनके चाहने वालों को बड़ा झटका लगा है. सुमन कल्याणपुर ने हिंदी, मराठी और कई अन्य भाषाओं में हजारों गाने गाकर लोगों के दिलों में खास जगह बनाई थी. इस बीच आइए जानते हैं उनके परिवार के बारे में सबकुछ.
सुमन कल्याणपुर का शुरुआती जीवन
सुमन कल्याणपुर का असली नाम सुमन हेम्माडी था. उनका जन्म एक ऐसे परिवार में हुआ था जहां शिक्षा और कला को बहुत महत्व दिया जाता था. उनके पिता शंकर राव हेम्माडी सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में अधिकारी थे, जबकि उनकी मां का नाम सीता हेम्माडी था.
सुमन अपने परिवार में सबसे बड़ी थीं. उनके चार छोटी बहनें और एक भाई था. यानी कुल मिलाकर परिवार में छह भाई-बहन थे.
बहन और पति ने दिया था पूरा साथ
सुमन कल्याणपुर की बहन श्यामा हेम्माडी को भी म्यूजिक में काफी इंटरेस्ट थी. कहा जाता है कि परिवार और बहन के सपोर्ट ने सुमन को संगीत की दुनिया में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी. अपनी मेहनत, लगन और बेहतरीन आवाज के दम पर उन्होंने सफलता हासिल की और आगे चलकर देश की सबसे लोकप्रिय पार्श्व गायिकाओं में अपनी खास पहचान बनाई.
इसी दौरान उनकी पर्सनल लाइफ में भी एक अहम मोड़ आया. साल 1958 में सुमन हेम्माडी ने मुंबई के व्यवसायी रमानंद कल्याणपुर से शादी की. शादी के बाद उन्होंने अपना नाम सुमन कल्याणपुर रख लिया और इसी नाम से पूरे देश में पहचान बनाई. बताया जाता है कि रमानंद कल्याणपुर हमेशा उनकी गायकी के सफर में उनके साथ खड़े रहे. वह अक्सर रिकॉर्डिंग के दौरान भी उनका हौसला बढ़ाते थे. दोनों का साथ कई दशकों तक रहा. फिर साल 2008 में रमानंद कल्याणपुर का निधन हो गया था.
बेटी चारुल अग्नी ने चुनी अलग राह
सुमन कल्याणपुर और रमानंद कल्याणपुर की एक बेटी हैं, जिनका नाम चारुल अग्नी है. चारुल ने अपनी मां की तरह फिल्मों और संगीत की दुनिया में काम नहीं किया. उन्होंने हमेशा सादा और निजी जीवन जीना पसंद किया और लाइमलाइट से दूर रहीं. इसलिए उनके बारे में सार्वजनिक तौर पर बहुत कम जानकारी सामने आई है.
शादी के बाद चारुल अमेरिका में जाकर बस गईं, जहां वह अपने परिवार के साथ रहती हैं.
नाती-पोतों तक पहुंची विरासत
सुमन कल्याणपुर अपने परिवार से बहुत जुड़ी हुई थीं और दादी बनने के बाद उन्हें अपने नाती-पोतों पर भी काफी गर्व था. उनके परिवार में पोती आइशानी अग्नी और पोते आव्नीश अग्नी शामिल हैं.
इंडिया टीवी न्यूज की रिपोर्ट्स के मुताबिक, आइशानी अग्नी ने अपनी दादी के सम्मान में मुंबई में उनके नाम पर एक एनजीओ की स्थापना की है. यह दिखाता है कि आज भी परिवार सुमन कल्याणपुर की यादों और उनके अच्छे कामों को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है.
सुमन कल्याणपुर का परिवार
- पिता: शंकर राव हेम्माडी
- माता: सीता हेम्माडी
- बहन: श्यामा हेम्माडी समेत चार बहनें
- भाई: एक भाई
- पति: रमानंद कल्याणपुर
- बेटी: चारुल अग्नी
- पोती: आइशानी अग्नी
- पोता: आव्नीश अग्नी
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